कोरोना का खौफ: बिहार सरकार ने एक साथ 50 लोगों के इकट्ठा होने पर लगाई रोक

Updated at : 19 Mar 2020 9:45 AM (IST)
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कोरोना का खौफ: बिहार सरकार ने एक साथ 50 लोगों के इकट्ठा होने पर लगाई रोक

राज्य में कोरोना से निबटने के लिए महामारी एक्ट के तहत शादी को छोड़ 50 लोगों की भीड़ पर लगा प्रतिबंध

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पटना. कोरोना वायरस से बचाव के लिये बिहार सरकार ने पूरे प्रदेश में पचास से अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा करने पर रोक लगा दी है. यह प्रतिबंध शादी-विवाह के मौकों पर लागू नहीं होगा. स्वास्थ्य विभाग ने महामारी एक्ट अधिनियम 1897 के तहत राज्य में शादी को छोड़कर कहीं भी 50 लोगों की भीड़ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बुधवार को बताया कि यह आदेश जारी करने के साथ ही प्रभावी भी हो गया है. उन्होंने बताया कि कोई भी आर्गेनाइजर अगर लोगों को एकत्र करते हैं तो उनको यह ध्यान रखना है कि एक बार में 50 लोग एक जगह इकट्ठा नहीं हो. अप्रत्यक्ष रूप से धार्मिक स्थलों पर भी 50 लोगों के सामूहिक इकट्ठा होने पर रोक लग गयी है.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि सरकार कोवेड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए ऐसे निर्णय ले रही है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग हो सके. लोगों की भीड़ कहीं एकत्रित नहीं हो सके. संक्रमण का प्रसार रूक जाये. उन्होंने बताया कि महामारी एक्ट में सरकार को जो शक्तियां प्राप्त हैं, उसके तहत राज्य में सभी शॉपिंग मॉल, जिमनेजियम, स्पा एवं स्वीमिंग पुलों के ऑपरेशन पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गयी है. राज्य में जितने थियेटर हैं, उनके संचालन को भी रोक दिया गया है. किसी भी प्रकार की भीड़ जिसमें 50 से ज्यादा लोग शामिल हों, तो उनको प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस प्रतिबंध से शादियों को मुक्त रखा गया है. किसी भी कार्यक्रम हो चाहे उसका कोई भी प्रयोजन हो, वहां पर 50 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकते हैं. इतने लोग भी न हो तो, संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है. शादियों में भी वर्तमान माहौल को देखते हुए सामाजिक दूरियां बनाये रखने की अपील की गयी है.

महामारी एक्ट के तहत राज्य में जो भी बड़े दुकान हैं, रेस्टूरेंट हैं, उन्हें प्रतिदिन अपने परिसर को संक्रमण मुक्त बनाये रखने को कहा गया है. लोगों को सैनेटाइजर उपलब्ध कराने को कहा गया है. बड़े दुकान या संस्थान के दायरे में वैसे परिसर को रखा गया है, जहां पर एक साथ 10 लोग एकत्र होते हैं. बहुत से लोग हैं जिनको कोविड 19 की आशंका है कि और वह निजी अस्पतालों या क्लिनिक में जांच कराने जाते हैं तो, यह उस निजी अस्पताल की जिम्मेदारी है कि इसकी सूचना तीन घंटे के अंदर जिले के सिविल सर्जन को उपलब्ध करा दें. इससे स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निर्णय लेकर जांच करायी जा सके. विभाग ने हर व्यक्ति को भीड़ के इलाके से दूर रहने की सलाह दी है. उन्होंने बताया कि पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी इस संबंध में चिंता जाहिर की है. एक सवाल के जवाब में प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य में महामारी एक्ट के प्रभावी होने के बाद अभी तक जिलों से किसी संस्थान के सील करने की नौबत नहीं आयी है.

नेपाल के सभी सिनेमा घर, स्विमिंग पूल, जिम, क्लब, डांस बार 14 दिनों तक बंद

नेपाल सरकार ने नेपाल के सभी सिनेमा घर, स्विमिंग पूल, जिम, क्लब, डांस बार सहित सभी राजनीतिक सांस्कृतिक कार्यक्रम पर 14 दिनों के लिये रोक लगाया है. वहीं जरूरी कार्यक्रम में एक साथ 25 से कम लोगों को जमा होने का आग्रह किया है.भारत-नेपाल के लोगों के लिये सहजता से सीमा के इस पार या उस पर होना थम सकता है. दोनों देश को कोरोना संक्रमण का खतरा है.

जिलों में अब तक कोई संस्थान सील नहीं

स्वास्थ्य विभाग ने हर व्यक्ति को भीड़ के इलाके से दूर रहने की सलाह दी है. विभाग के प्रधान सचिव के मुख्य न्यायधीश ने भी इस संबंध में चिंता जाहिर की है. एक सवाल के जवाब में प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य में महामारी एक्ट के प्रभावी होने के बाद अब तक जिलों से किसी संस्थान के सील करने की नौबत नहीं आयी है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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