Bihar Election 2020: चुनाव का ‘परिवार’ कनेक्शन: पहले चरण में मैदान में कई नेताजी के ‘रिश्तेदार’...

Bihar Assembly Election 2020 Bihar में Chunavi मौसम के बीच सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है. मैदान में कई दिग्गज नेता हैं तो कई नेताओं ने अपने परिवार को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है. हालात यह हैं कि 20 से ज्यादा रिश्तेदार चुनाव के मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. Ex CM Jitanram Manjhi Gaya के Imamganj से मैदान में हैं. जबकि, उनके दामाद Devendra Manjhi जहानाबाद की मखदुमपुर सीट से प्रत्याशी हैं. पढ़िए बिहार चुनाव में Nepotism.
Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा के चुनावी मौसम के बीच सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है. मैदान में कई दिग्गज नेता हैं तो कई नेताओं ने अपने परिवार को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है. हालात यह है कि 20 से ज्यादा रिश्तेदार चुनाव के मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. पूर्व सीएम जीतनराम मांझी गया के इमामगंज से मैदान में हैं. जबकि, उनके दामाद देवेंद्र मांझी जहानाबाद की मखदुमपुर सीट से प्रत्याशी हैं. यहां तक कि उनकी समधन ज्योति देवी बाराचट्टी सीट से चुनाव लड़ रही हैं.
बिहार के चुनावी मैदान में कानून मंत्री नरेंद्र नारायण यादव मधेपुरा जिले की आलगनगर सीट से मैदान में हैं. जबकि, उनके दामाद निखिल मंडल पहली बार मधेपुरा से जेडीयू प्रत्याशी हैं. पूर्व मंत्री चंद्रिका राय अपनी पुरानी सीट परसा से जेडीयू से मैदान में हैं. जबकि, उनके दामाद तेजप्रताप यादव के राजद की टिकट से समस्तीपुर के हसनपुर सीट से चुनाव लड़ने के आसार हैं. दूसरी तरफ ससुर-दामाद के अलावा पति और पत्नी भी विधानसभा के चुनावी मैदान में हैं. लिहाजा, विधानसभा चुनाव में मुकाबला दिलचस्प बन पड़ा है.
बिहार विधानसभा चुनाव में पति-पत्नी भी मैदान में हैं. जेडीयू की टिकट पर विधायक कौशल यादव नवादा सीट और उनकी पत्नी पूर्णिमा देवी को गोविंदपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है. साल 2015 के चुनाव में पूर्णिमा कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीत चुकी हैं. जबकि, दो चचेरे भाई भी चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं. जेडीयू की टिकट पर ओबरा से सुनील कुमार जबकि, गोह से राजद के चुनाव चिन्ह पर भीम कुमार सिंह मैदान में हैं. भीम पूर्व विधायक स्व. रामनारायण सिंह के पुत्र और सुनील उनके भतीजे हैं.
खास बात यह है कि राजनीति में हमेशा से परिवारवाद हावी रही है. अगर बिहार के इस विधानसभा चुनाव को देखें तो कई नेता पुत्र, पुत्री, पत्नी और बहू भी चुनावी मैदान में हैं. कांग्रेस ने अपने कद्दावर विधायकों सदानंद सिंह और अवधेश कुमार सिंह के बेटों को टिकट दिया है. जबकि, बीजेपी ने पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह की पुत्री श्रेयसी सिंह को टिकट दिया है. इसी तरह से बीजेपी के युवा नेता संजीव चौरसिया, नितिन नवीन और राणा रणधीर सिंह भी मैदान में हैं. जेडीयू ने अमरपुर विधायक जर्नादन मांझी के बेटे जयंत राज और पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के बेटे राहुल कुमार को विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया है.
अगर राजद की बात करें तो यहां परिवारवाद जमकर हावी है. राजद ने राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी को नवादा और अरुण यादव की पत्नी किरण देवी को संदेश से टिकट दिया है. दोनों दुष्कर्म मामले के आरोपी हैं. जबकि, राजद ने दोनों की पत्नियों को टिकट दिया है. वहीं, प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह को रामगढ़, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे ऋषि सिंह को ओबरा, पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के पुत्र राहुल तिवारी को शाहपुर से प्रत्याशी बनाया है. जबकि, पूर्व सांसद जयप्रकाश यादव ने बेटी दिव्या प्रकाश को तारापुर और भाई विजय प्रकाश को जमुई से मैदान में उतारा है.
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