बिहार के चंपारण में अधर में लटकी गंडक नदी दियारावर्ती क्षेत्र के विकास से जुड़ी लाइफ लाइन सड़क
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Aug 2022 5:52 AM
बिहार के चंपारण में गंडक नदी दियारावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए बनने वाली लाइफ लाइन सड़क की योजना अधर में लटकी है. वर्ष 2020-21 में गंडक नदी के चंपारण तटबंध पर सड़क निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था. योगापट्टी के बड़हरवा से पूजहां पटजिरवा व बैरिया होते हुए नौतन के शिवराजपुर तक सड़क का निर्माण होना था
कभी दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट और डाकुओं के दर्जनों गिरोहों की सक्रियता पर एक दशक पूर्व अंकुश लगाकर सुशासन की सरकार ने गंडक नदी के दियारावर्ती ग्रामीणों को विकास के सपने जरूर दिखायी थी, लेकिन उन सपनों को आज तक पंख नहीं लग सके. हालांकि सरकार ने दियारावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए मिनी चंबल की यूनिर्वसिटी और क्राइम माने जाने वाले योगापट्टी अंचल के बड़हरवा से लेकर पूजहां पटजिरवा और बैरिया होते हुए नौतन अंचल के शिवराजपुर तक लाइफ लाइन सड़क निर्माण की योजना बनायी. ताकि इस क्षेत्र का समुचित विकास हो सके.
इस क्रम में जल संसाधन विभाग के जल निस्सरण विभाग के माध्यम से 38.8 किलोमीटर लंबी और पांच मीटर चौड़ी सड़क निर्माण के लिए योजना प्रस्ताव तैयार करायी गयी. इसमें सड़क के किनारे डेढ़ फीट का फ्लैंक भी शामिल रहा. विभाग ने इस सड़क निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2020-21 में ही तैयार कर स्वीकृति के लिए राज्य मुख्यालय के विभाग को भेजा. लेकिन बताते हैं कि आज तक विभाग से योजना स्वीकृति और आवंटन नहीं मिलने से यह योजना अधर में लटकी हुई है. जबकि जिले के अन्य इलाके सड़कों की जाल और अन्य अत्याधुनिक संसाधनों के बलबूते नित्य रोजी रोजगार और लघु उद्योग धंधे से जुड़ रहे हैं. लेकिन गंडक तटवर्ती दियारावर्ती क्षेत्र के लोग आपराधिक गतिविधियों के खात्मे के बाद विकास की एक भी सीढ़ी नहीं चढ़ सके हैं. जबकि दियारा विकास प्राधिकरण और टाल विकास परियोजना जैसी अन्य विकास की योजनायें भी आज तक यहां नहीं पहुंच सकी हैं. न तो किसी राजनेता ने इस दिशा में कोई ठोस पहल करने की जहमत ही उठायी. जबकि विकास के लिए इस इलाके में अपार संभावनायें मौजूद हैं. जाहिर है कि यदि इस सड़क का निर्माण हो जाता है तो दियारावर्ती क्षेत्र के विकास में यह मिल का पत्थर साबित हो सकता है.
निस्संदेह सड़क निर्माण की यह योजना गंडक दियारा क्षेत्र के विकास का द्वार साबित हो सकती है. इसके लिए पूर्व से भेजे गये प्रस्ताव को संशोधित कर फिर से भेजा जायेगा. साथ ही योजना की स्वीकृति मिलते ही कार्य आरंभ किया जायेगा.
चंदन कुमार, कार्यपालक अभियंता, जल निस्सरण, बेतिया
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