ePaper

Bihar Budget 2026: महिलाओं के लिए हाट-बाजार से मेगा स्किल सेंटर तक, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर फोकस

Updated at : 04 Feb 2026 10:41 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar Budget 2026

Bihar Budget 2026

Bihar Budget 2026: गांव से शहर तक बिकेंगे महिला उत्पाद, स्किल ट्रेनिंग से नौकरी तक—बिहार बजट में महिलाओं के लिए क्या-क्या खास

विज्ञापन

Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने अपने बजट में महिलाओं और सामाजिक समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर खास जोर दिया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए गांवों से लेकर शहरों तक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे. इसका मकसद महिलाओं को सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार से सीधे जोड़ना है, ताकि उनकी आमदनी स्थायी रूप से बढ़ सके.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रति महिला 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है. इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के छोटे-छोटे व्यवसायों को गति मिली है.

लखपति दीदी योजना से बदली महिलाओं की आर्थिक तस्वीर

बिहार में जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है. वर्तमान में राज्य की 31.71 लाख जीविका दीदियों को ‘लखपति दीदी’ के रूप में चिह्नित किया जा चुका है. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी अब सिर्फ सहायक नहीं, बल्कि नेतृत्वकारी भूमिका में बदल रही है.

हर प्रमंडल में मेगा स्किल सेंटर, फिर जिलों तक विस्तार

राज्य सरकार आधुनिक उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठा रही है. हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित मेगा स्किल सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी गई है. पहले चरण में राज्य के सभी प्रमंडलों में एक-एक मेगा स्किल सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां उच्च गुणवत्ता का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. दूसरे चरण में यह मॉडल सभी जिलों तक विस्तार पाएगा.

इन केंद्रों में युवाओं और महिलाओं को रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें.

आईटीआई से रोजगार तक की सीधी कड़ी

बिहार में वर्तमान में 152 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें 114 सामान्य और 38 महिला आईटीआई शामिल हैं. इनमें से 149 आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है. पहले चरण में 60 आईटीआई को अपग्रेड किया गया है, जहां अब तक 7,865 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है.

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक नियोजन मेलों के माध्यम से 19,593 और नियोजन कैंपों के जरिए 22,329 आवेदकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं. युवाओं को रोजगार सहायता देने के लिए एकीकृत ई-निबंधन और रोजगार पोर्टल का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे नौकरी की प्रक्रिया और पारदर्शी हो सके.

नियोजन मेलों ने बदली हजारों की तकदीर

वर्ष 2025-26 के दौरान बिहार में रोजगार के आंकड़ों ने नई ऊंचाई छुई है. विभिन्न नियोजन मेलों और कैंपों के माध्यम से अब तक लगभग 41,922 आवेदकों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं.

सरकार की योजना है कि कौशल विकास और डायरेक्ट प्लेसमेंट के इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि राज्य के युवाओं को पलायन न करना पड़े.

Also Read: Bihar Solar Subsidy: बिहार के 58 लाख परिवारों को सस्ती बिजली, घरों की छत पर लगेंगे सोलर प्लांट, सब्सिडी जानकर हो जायेंगे खुश

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन