Bhojpuri:जानिए भोजपुरी के ये हीरो किस जाति के हैं, पवन सिंह, खेसारी से लेकर कल्लू के बारे में जानें सबकुछ

pawan singh and khesari lal yadav: भोजपुरी सिनेमा का क्रेज अब बिहार से निकलकर पूरे भारत में बढ़ने लगा है. इसका श्रेय उन कलाकारों को जाता है जिन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता है. इन कलाकारों के बारे में उनके फैंस सब कुछ जानना चाहते है. यहां तक कि उनकी जाति भी.
Bhojpuri hero pawan singh and khesari lal yadav: भोजपुरी सिनेमा का क्रेज अब बिहार से निकलकर पूरे भारत में बढ़ने लगा है. इसका श्रेय उन कलाकारों को जाता है जिन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता है. इन कलाकारों के बारे में उनके फैंस सब कुछ जानना चाहते है. जैसे कि उनके पसंदीदा स्टार कितने पढ़े लिखे हैं, उनकी लाइफ स्टाइल, पर्सनल लाइफ यहां तक कि उनकी जाति भी. इस आर्टिकल में हम आपको टॉप के भोजपुरी सुपरस्टार्स की जाति के बारे में बताएंगे. जिनके बारे में आप सबकुछ जानना चाहते हैं. हालांकि कलाकारों की कोई जाति नहीं होती है. कलाकार खुद में एक जाति है.
भोजपुरी सिनेमा में पावरस्टार के नाम से मशहूर पवन सिंह आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है. आज उनके चाहनेवालों की संख्या करोड़ों में हैं. माना जाता है कि भोजपुरी गाना पवन सिंह के लॉलीपॉल लागेलू गान से ही ग्लोबल हुआ था. पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के आरा जिले में हुआ था. पवन ने अपने भोजपुरी फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2007 में आई रंगीली चुनरिया तोहरे नाम से फिल्म से की थी. पवन सिंह राजपूत यानी क्षत्रिय समाज से आते हैं.
भोजपुरी मंचों से अपने सफर की शुरुआत करने वाले खेसारी लाल यादव आज के दौर में भोजपुरी सिनेमा की जान हैं. खेसारी लाल यादव का जन्म 15 मार्च 1986 को धनाडीह, सारण, बिहार में हुआ था. खेसारी का असली नाम शत्रुघन कुमार यादव है. खेसारी ने अपने भोजपुरी फिल्म करियर की शुरुआत साल 2011 में आई फिल्म साजन चले ससुराल से किया था. यादव समाज से आने वाले खेसारी को आज बिहार ही नहीं बल्कि नेपाल में भी खूब पसंद किया जाता है. खेसारी अपनी जाति नहीं बल्कि अपने कला के चलते लाखों दिलों पर राज करते हैं.
रवि किशन ने हिन्दी, भोजपुरी और साउथ की कई फिल्मों में भी काम किया है. रवि किशन को अगर भोजपुरी फिल्मों का सबसे बड़ा सितारा कहा जाए, तो इसमें कोई अति नहीं होगी. रवि किशन का जन्म 17 जुलाई 1969 को बॉम्बे, महाराष्ट्र में हुआ था. रवि किशन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1992 में हिन्दी सिनेमा की फिल्म पिताम्बर से किया था. जबकि भोजपुरी सिनेमा में रवि किशन ने अपने करियर की शुरुआत साल 2003 में आयी फिल्म सइयां हमार से किया था. रवि किशन का पूरा नाम रवि किशन शुक्ला है और वह ब्राह्मण समाज से आते हैं. रवि किशन वर्तमान में गोरखपुर से सांसद हैं.
मनोज तिवारी का जन्म 1 फरवरी 1971 को सासाराम, बिहार में हुआ था. मनोज तिवारी ने अपने भोजपुरी फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2003 में आई भोजपुरी फिल्म ससुरा बड़ा पैसा वाला फिल्म से किया था.मनोज तिवारी अभी बीजेपी के बड़े कद्दावर नेताओं में से एक हैं. मनोज तिवारी की जाति की बात करें तो वे ब्राह्मण समुदाय से आते हैं.
भोजपुरी स्टार की बात हो और अगर अरविंद अकेला कल्लू की बात नहीं हो तो कुछ अधूरा सा लगता है. भोजपुरी में कल्लू का एक अपना अलग ही स्वैग है. कल्लू का जन्म 26 जुलाई 1997 को बिहार राज्य के बक्सर जिले में हुआ था. कल्लू ने अपने गायिकी करियर की शुरुआत वर्ष 2014 में भोजपुरी गीत गवनवा कहिया ले जईबा ना से की थी. जबकि फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2015 में आई भोजपुरी फिल्म दिल भईल दीवाना से किया था. कल्लू भी ब्राह्मण समुदाय से आते हैं.
भोजपुरी हिरो यश कुमार का पूरा नाम यश कुमार मिश्रा है. यश कुमार की पहली शादी भोजपुरी एक्ट्रेस अंजना सिंह से हुई थी. इनकी एक बेटी भी है. यश और अंजना की शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चली. आज दोनों की राहें अलग-अलग है. अंजना और यश तलाक लेने के बाद भी एक दूसरे के साथ काम करते हैं. यश कुमार का जन्म 9 सितम्बर 1986 गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुआ था. यश कुमार मिश्रा की पहली फिल्म दिलदार सांवरिया है. यश कुमार ब्राह्मण समुदाय से आते हैं.
गुंजन सिंह भोजपुरी के एक उभरते हुए कलाकार हैं. गुंजन भोजपुरी के साथ-साथ मगही भाषा में भी गाना गाते हैं. गुंजन के मगही गाने को लोग काफी पसंद करते हैं. गुंजन का जन्म बिहार के नवादा जिला में हुआ था. गुंजन ने अपने सिंगिग करियर की शुरुआत साल 2013 मं आई एक भोजपुरी भक्ति एल्बम से की थी. जबकि फिल्मी सफर की शुरुआत 2017 में आई फिल्म नसीब से की थी. सोशल मीडिया के मुताबिक गुंजन सिंह भूमिहार समाज से आते हैं.
भोजपुरी के अभिनेता-अभिनेत्री सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते हैं. अपने लुक से लेकर आपसी विवाद को लेकर ये खूब चर्चा बटोरते हैं. भोजपुरी कलाकारों को चाहने वालों की संख्या बहुत बड़ी है इसकी एक बड़ी वजह इस इंडस्ट्री के दर्शक, जिनकी संख्या लगभग 40 करोड़ से ज्यादा है.
नोट- हमारा मकसद जाति व्यवस्था को बढ़ावा देना नहीं है. लेकिन भोजपुरी के दर्शक अपने स्टार के बारे में सबकुछ जानना चाहते हैं. इसलिए पाठकों की दिलचस्पी के आधार पर इस खबर को बनाया गया है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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