विक्रमशिला सेतु पर फिर लगा भीषण जाम, 3-4 घंटे में पार हुआ पुल, पैदल चलने को मजबूर हुए यात्री
विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की लंबी कतार, तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे लोग
भागलपुर और नवगछिया के बीच विक्रमशिला सेतु पर मंगलवार को दोपहर बाद अचानक वाहनों के दबाव के कारण भीषण जाम लग गया. पुल पार करने में लोगों को तीन से चार घंटे तक का समय लगा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
Vikramshila Setu Jam: भागलपुर और नवगछिया के बीच मंगलवार को विक्रमशिला सेतु पर सफर करने वाले लोगों के लिए रास्ता घंटों का इंतजार बन गया. दोपहर बाद अचानक बढ़े वाहनों के दबाव ने पुल पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया. देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गयी और पुल पार करने में लोगों को तीन से चार घंटे तक का समय लग गया.
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जाम में फंसे लोग घंटों अपने वाहनों में बैठे रहे. स्थिति ऐसी बनी कि कई यात्रियों ने आगे बढ़ने की उम्मीद छोड़ दी और कुछ लोग सवारी गाड़ी छोड़कर पैदल ही पुल पार करने लगे. वहीं, कुछ वाहन चालक जाम की स्थिति देखकर वापस लौट गये.
दोपहर तीन बजे के बाद बिगड़ी स्थिति
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे के बाद विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया. भागलपुर और नवगछिया दोनों ओर से बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने के बाद पुल पर वाहनों की रफ्तार धीमी होने लगी.
धीरे-धीरे वाहनों की कतार लंबी होती चली गयी. कुछ ही देर में स्थिति ऐसी हो गयी कि पुल पर वाहन आगे बढ़ने के बजाय काफी देर तक एक ही जगह खड़े दिखाई देने लगे.
जाम का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा, जिन्हें जरूरी काम से भागलपुर या नवगछिया जाना था. कई लोग अपने परिवार के साथ वाहनों में फंसे रहे और घंटों इंतजार करते रहे.
तीन से चार घंटे तक पुल पर फंसे रहे वाहन
आम दिनों में जिस विक्रमशिला सेतु को पार करने में कुछ ही समय लगता है, मंगलवार को वही सफर कई लोगों के लिए तीन से चार घंटे का हो गया.
जाम में फंसे यात्रियों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा था कि रास्ता कब सामान्य होगा. लंबे समय तक वाहनों के नहीं चलने से लोगों को अपने जरूरी काम और यात्रा की समय-सीमा को लेकर भी परेशानी हुई.
जाम इतना लंबा था कि कुछ यात्रियों ने वाहन से उतरकर पैदल पुल पार करना ही बेहतर समझा. इससे पुल पर पैदल चलने वालों की संख्या भी बढ़ गयी.
अचानक बढ़ा वाहनों का दबाव
विक्रमशिला सेतु टीओपी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि दोपहर तीन बजे के बाद पुल पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया था. इसी वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गयी और जाम की स्थिति उत्पन्न हुई.
हालांकि, मंगलवार को लगे जाम ने एक बार फिर भागलपुर-नवगछिया के बीच विक्रमशिला सेतु पर यातायात के दबाव को सामने ला दिया. पुल पर वाहनों की संख्या बढ़ते ही यातायात व्यवस्था प्रभावित होने लगती है.
बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग टलने के बीच बढ़ी चिंता
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग पहले 28 अगस्त से प्रस्तावित थी, लेकिन इसे फिलहाल चार सप्ताह के लिए टाल दिया गया है. इसका मतलब है कि फिलहाल बेली ब्रिज पर आवागमन जारी रहेगा.
जिला प्रशासन ने गंगा के बढ़े जलस्तर और भागलपुर-नवगछिया के बीच पर्याप्त एवं सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए डी-लॉन्चिंग स्थगित की है.
ऐसे में मंगलवार को पुल पर लगा लंबा जाम यह भी बताता है कि भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क कितना महत्वपूर्ण है. आने वाले दिनों में भी वाहनों का दबाव बढ़ने पर ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बने, इसके लिए यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा.
Vikramshila Setu Jam: यात्रियों की परेशानी ने उठाये व्यवस्था पर सवाल
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन का प्रमुख माध्यम है. ऐसे में तीन से चार घंटे तक जाम में फंसना केवल यात्रियों के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि इसका असर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, मरीजों और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ता है.
मंगलवार की स्थिति के बाद जरूरत इस बात की है कि पीक आवर में पुल पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने और जाम लगने की स्थिति में वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाये.
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