128 करोड़ की ड्रीम प्रोजेक्ट से बदलेगी सुलतानगंज की तस्वीर,बाजार से अलग बनेगा कांवरिया ग्रीन कॉरिडोर

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सांकेतिक तस्वीर

Shravani Mela 2026: सुलतानगंज में 128 करोड़ की गंगा रिवर फ्रंट परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने की तैयारी. कांवरियों के लिए ग्रीन कॉरिडोर, आधुनिक घाट और बाजार से अलग वैकल्पिक मार्ग बनेगा.

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सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट

Shravani Mela 2026: हर श्रावणी मेले में लाखों कांवरियों को सुलतानगंज के बाजार की भीड़, जाम और अव्यवस्थित यातायात से जूझना पड़ता है. अब यह तस्वीर बदलने वाली है. 128 करोड़ रुपये की गंगा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. वाइल्ड लाइफ एनओसी की बाधा लगभग खत्म हो गई है और मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा. लक्ष्य है कि अगले श्रावणी मेले तक कांवरियों को आधुनिक घाट, नया ग्रीन कॉरिडोर और बेहतर सुविधाएं मिल सकें.

बाजार से नहीं गुजरना होगा. सीधे बाबाधाम की राह होगी आसान

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण कांवरियों के लिए तैयार होने वाला विशेष वैकल्पिक ग्रीन कॉरिडोर है. उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरने और बाबा अजगैवीनाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालु अब भीड़भाड़ वाले बाजार में प्रवेश किये बिना सीधे कृष्णगढ़ चौक होते हुए कच्चा कांवरिया पथ से बाबाधाम के लिए रवाना हो सकेंगे. इससे शहर के मुख्य बाजार पर दबाव कम होगा और श्रावणी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित बन सकेगी.

श्रावणी मेला

सवा किलोमीटर का रिवर फ्रंट देगा नया धार्मिक और पर्यटन अनुभव

गंगा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत कृष्णगढ़ घाट से अजगैवीनाथ मंदिर घाट तक 1315 मीटर लंबा और लगभग 100 फीट चौड़ा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इसके साथ आधुनिक सीढ़ी घाट, पक्का घाट, रिवर फ्रंट प्रोमेनेड, चेंजिंग रूम, अत्याधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल, हाईमास्ट लाइट, बैठने की व्यवस्था, शेड और आकर्षक सौंदर्यीकरण जैसी सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी. इससे सुलतानगंज का गंगा तट धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी नई पहचान हासिल करेगा.

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Shravani Mela 2026: ‘यह सिर्फ योजना नहीं, मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है’

स्थानीय विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए केवल एक विकास योजना नहीं बल्कि वर्षों का सपना है. उन्होंने बताया कि इसे मंजूरी दिलाने के लिए पटना से लेकर दिल्ली तक लगातार प्रयास किए गए. अब वाइल्ड लाइफ एनओसी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा.

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प्रोजेक्ट की खबर से जगी उम्मीद

गंगा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ने की सूचना मिलते ही जदयू कार्यकर्ता विधायक आवास पहुंचे और उन्हें बधाई दी. कार्यकर्ताओं ने इसे सुलतानगंज के धार्मिक, पर्यटन और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया. माना जा रहा है कि प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद श्रावणी मेले की व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक व्यवस्थित होंगी और शहर को भी स्थायी आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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