Bihar: डाकघरों में खुलवाये खातों की हकीकत जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान, जानें 4 लाख से अधिक अकाउंट का हाल

Updated at : 28 Jun 2022 12:07 PM (IST)
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Bihar: डाकघरों में खुलवाये खातों की हकीकत जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान, जानें 4 लाख से अधिक अकाउंट का हाल

भागलपुर और बांका जिले के डाकघरों में खाताधारों को अब अपने खातों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखती. करीब 4 लाख से अधिक खाते इनऑपरेटिव हैं. इन खातों में पिछले तीन सालों से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ है.

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ब्रजेश,भागलपुर: भागलपुर और बांका जिले के डाकघरों में खाताधारों का चार लाख से ज्यादा खाता इनऑपरेटिव है, जिनमें पिछले तीन सालों से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ है. खाताधारकों ने इन खातों को चलाने में किसी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखायी है. खाते खोलने के बाद इसमें पड़ी राशि पर भी अब तक किसी ने दावा नहीं किया है. भागलपुर व बांका के डाकघरों में 13 लाख खाता धारक है, जिसमें मात्र नौ लाख खातों का ही संचालन हो रहा है.

खाताधारकों को खाता चालू करने का डाक विभाग देगा एक मौका :

डाकघरों में निष्क्रिय पड़े खातों को चालू करने के लिए डाक विभाग खाताधारकों को एक मौका देगा. डाक विभाग बंद पड़े खाताधारकों को चिह्नित करने की कवायद में जुट गया है. निष्क्रिय खातों की खोजबीन के लिए टीम बनायेगी, इसमें डाकिया की मदद लेगी. ग्राहकों का पता दिया जायेगा और डाकिया संबंधित पता पर पहुंचकर ग्राहकों से खाता चालू कराने का आग्रह करेंगे.

तीन वित्तीय वर्ष में लेनदेन नहीं होने पर खाता हो जाता है इनऑपरेटिव

डाककर्मी के अनुसार निष्क्रिय खातों में सभी सेविंग खाता होता है. तीन वित्तीय वर्ष में अगर किसी ग्राहक ने अपने खाते में जमा-निकासी नहीं की है, तो विभाग वैसे खाते को इनऑपरेटिव मान लेता है. ताकि, उस खाते का गलत इस्तेमाल नहीं हो सके. यह सुरक्षा के लिहाज से सही माना जाता है. ग्राहक को जानने के लिए केवाइसी अपडेट करते हैं और उसे फिर से चालू कर देते हैं. वैसे ग्राहकों को तत्काल डाकघर में जाकर केवीसी जमा करना पड़ता है तब जाकर उसका खाता दोबारा काम करने लगता है.

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दावेदार के आने पर मिल सकती सूद की राशि

जब भी कभी दावेदार राशि निकालने आयेंगे, तो उनको सूद के साथ वह राशि मिल सकती है. डाक अधिकारी ने खाताधारों से कहा है कि वह खाता को निष्क्रिय कभी नहीं होने दें. बीच-बीच में जमा निकासी करते रहे है, ताकि खाता ऑपरेटिव रह सके.

डाकघरों में निष्क्रिय पड़े खातों के धन

डाकघरों में निष्क्रिय पड़े खातों के धन वरिष्ठ नागरिक कल्याण निधि में जमा हो सकता है. वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष बना है. इस कोष में ऐसे खातों की राशि ट्रांसफर हो सकती है, जिसमें लेनदेन नहीं हो रहा है. खातों में बचत, आवर्ती जमा, मासिक आय, वरिष्ठ नागरिक बचत स्कीम, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र, सुकन्या समृद्धि व सावधि जमा शामिल है.

डाक अधीक्षक बोले

डाकघरों में निष्क्रिय खातों को चालू करने का एक मौका खाताधारकों को दिया जायेगा. खाता चालू करने के लिए आग्रह किया जायेगा. ऐसे देखा जायेगा कि किस व्यक्ति के निष्क्रिय खातों में कितनी राशि है. पहले 20 रुपये और 50 रुपये से खाता खुलता था. अभी मिनिमम बैलेंस 500 रुपये रखने का प्रावधान है. मोटी रकम वाले खाताधारक खाता का संचालन कर सकता है.

आरपी प्रसाद, डाक अधीक्षक, डाक विभाग कार्य प्रमंडल, भागलपुर

Published By: Thakur Shaktilochan

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