पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट के लिए 34.92 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित: जलापूर्ति पाइपलाइन के लिए 9 मौजों की अधिसूचना जारी

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थर्मल पावर प्लांट AI Image

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पीरपैंती सुपर थर्मल पावर प्लांट के लिए 34.92 एकड़ भूमि का अधिग्रहण फाइनल. जलापूर्ति पाइपलाइन हेतु 9 मौजों की 453 रैयतों की जमीन चिह्नित.

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भागलपुर जिले में स्थापित होने वाले महत्वाकांक्षी पीरपैंती सुपर थर्मल पावर प्लांट परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. संयंत्र में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कहलगांव और पीरपैंती अंचल की कुल 34.92135 एकड़ भूमि अर्जित की जाएगी. जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा बिहार भूमिगत पाइप लाइन के अधिकार अधिनियम के तहत चिह्नित भूमि के अर्जन की औपचारिक अधिघोषणा जारी कर दी गई है. इस परियोजना के तहत गंगा नदी से संयंत्र तक भूमिगत जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसके दायरे में नौ मौजों के 453 रैयतों (किसानों) की जमीन आ रही है.

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9 मौजों में भूमि चिह्नित: सिरमतपुर में सबसे बड़ा रकबा

जारी अधिसूचना के अनुसार अधिग्रहित की जाने वाली भूमि कहलगांव और पीरपैंती अंचल के नौ प्रमुख मौजों में फैली हुई है. कहलगांव अंचल के अंतर्गत मौजा किसनदासपुर में 2.523 एकड़, मधेपुरा में 1.662 एकड़, मोहनपुर गोघट्टा में 2.8075 एकड़, नैनसिंह में 1.1248 एकड़, नंदगोला में 3.142 एकड़, परशुरामचक में 1.9825 एकड़, संगलवहिता में 6.9945 एकड़ और एकडारा में 2.0535 एकड़ जमीन का अर्जन किया जाएगा. वहीं, पीरपैंती अंचल के मौजा सिरमतपुर में सबसे बड़ा रकबा यानी 12.63155 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है. इस तरह कुल नौ राजस्व मौजों से 34.92135 एकड़ रकबा अधिगृहीत होगा.

सिरमतपुर के सर्वाधिक 214 रैयतों की जमीन होगी अधिग्रहित

परियोजना के लिए कुल 453 भूमि मालिकों की जमीन पाइपलाइन कॉरिडोर के दायरे में चिन्हित की गई है. रैयतों की संख्या के लिहाज से पीरपैंती अंचल का सिरमतपुर मौजा सबसे आगे है, जहां के 214 रैयत सीधे प्रभावित होंगे. इसके अतिरिक्त संगलवहिता में 76, मोहनपुर में 32, नंदगोला में 28, किसनदासपुर में 26, एकडारा में 23, मधेपुरा में 21, परशुरामचक में 19 और नैनसिंह मौजा में 14 रैयतों की जमीन ली जाएगी. प्रभावित रैयतों को नियमानुसार तय मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा.

भीठ-2, रास्ता और भिंडी जैसी उपजाऊ जमीन शामिल

भू-अर्जन विभाग द्वारा जारी विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार चिह्नित भूखंडों में विभिन्न श्रेणियों की जमीन शामिल है. इसमें मुख्य रूप से भीठ-2 किस्म की भूमि, रास्ते की जमीन और भिंडी (सब्जी उत्पादन योग्य) जमीन शामिल है. इन सभी भूखंडों का उपयोग केवल भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के अधिकार के तहत किया जाना है. पाइपलाइन जमीन के भीतर सुरक्षित तरीके से बिछाई जाएगी, ताकि सतह पर सामान्य गतिविधियों में न्यूनतम व्यवधान हो.

आपत्तियां न मिलने के बाद जारी हुई अंतिम अधिघोषणा

जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार भूमि अर्जन की कानूनी प्रक्रिया के तहत पूर्व में सभी हितबद्ध रैयतों व भूस्वामियों से आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए गए थे. निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई प्रतिकूल आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिसके बाद प्रशासन ने अंतिम अधिघोषणा जारी कर दी. इस प्रशासनिक मंजूरी के साथ ही पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट के लिए आवश्यक जलापूर्ति अवसंरचना के निर्माण की राह पूरी तरह साफ हो गई है.

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