bhagalpur news. मिनीमली इनवेसिव काॅर्डियक सर्जरी सुरक्षित और प्रभावी : डॉ गोयल

Published by :NISHI RANJAN THAKUR
Published at :24 Apr 2026 10:52 PM (IST)
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bhagalpur news. मिनीमली इनवेसिव काॅर्डियक सर्जरी सुरक्षित और प्रभावी : डॉ गोयल

जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल, पटना की ओर से शुक्रवार को जेएलएनएमसीएच, मायागंज में ओपीडी का आयोजन किया गया.

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जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल, पटना की ओर से शुक्रवार को जेएलएनएमसीएच, मायागंज में ओपीडी का आयोजन किया गया. इसमें मेदांता हाॅस्पिटल के कार्डियोवेस्कुलर सर्जरी के डायरेक्टर डाॅ अरविन्द कुमार गोयल ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और उचित परामर्श दिया. सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले ओपीडी में 100 से अधिक मरीजों ने हृदय रोग की जांच करायी. डॉ गोयल ने मायागंज अस्पताल के डाॅक्टरों व मरीजों के बीच ‘मिनीमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी’ पर अपने व्याख्यान में कहा कि पहले सीने की हड्डी को काटकर हृदय रोग की सर्जरी की जाती थी. लेकिन अब मिनीमली इनवेसिव कार्डियेक सर्जरी में छाती की पसली में छोटा-सा छेद कर हृदय रोग की सर्जरी की जाती है. इस विधि से सर्जरी में मरीज की तेज रिकवरी, कम दर्द, कम जटिलता, कम समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है. साथ ही खून की क्षति भी काफी कम होती है. मरीज जल्दी स्वस्थ होकर अपना नियमित काम करने लगता है. यह एक नवीनतम तकनीक है, जो पारंपरिक खुले दिल की सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी होती है. डाॅ गोयल ने कहा कि इस तकनीक से हृदय के वाॅल्व बदले जा सकते हैं. दिल के छेद बंद किये जा सकते हैं. बाइपास सर्जरी भी की जाती है. इस ऑपरेशन के निशान नहीं के बराबर होते हैं. हृदय रोग से बचाव के बारे में उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी जीवनशैली को नियमित रखना चाहिए. प्रतिदिन आधा घंटा व्यायाम, दौड़ या योग करना चाहिए. अधिक से अधिक पैदल चलना चाहिए. खान-पान के बारे में डाॅ गोयल ने कहा कि रिफाइंड तेल, आटा, मैदा, चीनी का कम से कम सेवन करना चाहिए. मोटा अनाज बाजरा, ज्वार का भी सेवन करना चाहिए. धूम्रपान, तंबाकू के सेवन से पूर्णतः परहेज करना चाहिए. यदि किसी को ब्लड प्रेशर या मधुमेह की बीमारी है, तो वे डाॅक्टर से सलाह लेकर इसे नियंत्रण में रखें. शरीर पर मोटापा को न चढ़ने दें. कोलेस्ट्रोल को हर हाल में नियंत्रण में रखें. हृदय रोग के लक्षण के बारे में डाॅ गोयल ने कहा कि अगर दिल की धड़कन बढ़े या घटे, सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, छाती में भारीपन महसूस हो और पैरों में सूजन हो तो तुरंत हृदय रोग के विशेषज्ञ डाॅक्टर से दिखाएं. ये सारे लक्षण हृदय रोग के हो सकते हैं.

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