Bhagalpur, वट सावित्री पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्य का वरदान

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Bhagalpur, वट सावित्री पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्य का वरदान

सती सावित्री की याद में गूंजे मंत्र, वट वृक्ष बना आस्था का केंद्र

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भागलपुर के कहलगांव से रिपोर्ट,

कहलगांव. प्रखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में वट सावित्री व्रत परंपरागत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. सती सावित्री के तप और संकल्प की स्मृति में सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु, आरोग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से निर्जल व्रत रखकर वट वृक्ष की विधिवत पूजा-अर्चना की.

बाबा बटेश्वर स्थान मंदिर में लगी रही भीड़

प्रातः 5 बजे से ही ऐतिहासिक बटेश्वर स्थान मंदिर परिसर तथा पुरानी बाजार स्थित प्राचीन वट वृक्ष के नीचे सौभाग्यवती महिलाएं लाल और पीली साड़ियों में सोलह श्रृंगार किए हाथों में बांस की टोकरियों में पूजा सामग्री लेकर पहुंच रही है. महिलाओं ने वट वृक्ष की जड़ में दूध, जल और पुष्प अर्पित किए. कच्चे सूत से 11 बार परिक्रमा कर वृक्ष पर सूत लपेटा और भीगे चने का भोग लगाया.ओरियप की स्वेता कुमारी ने कहा, “सावित्री ने अपने सतीत्व के बल पर यमराज से सत्यवान के प्राण वापस लिए थे.हम भी उसी आस्था से यह व्रत करती हैं. ” पूजा के पश्चात सामूहिक रूप से वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया गया.बटेश्वर स्थान मंदिर के तीर्थपुरोहित आचार्य शंकर झा ने बताया कि पुराणों के अनुसार दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है.इसकी पूजा करने से स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

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Manish Kumar

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