'हर घर तिरंगा' अभियान से चमका खादी बाजार, 10 लाख के राष्ट्रीय ध्वज और कपड़ों की हुई बंपर बिक्री

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खादी ग्रामोद्योग बिक्री केंद्र में तिरंगा साड़ी खरीदती महिला. | Prabhat Khabar Network

केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान ने भागलपुर के खादी बाज़ार में रौनक ला दी है. स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय ध्वजों, खादी और सिल्क के कपड़ों की मांग में ज़बरदस्त उछाल आया है, जिससे 10 लाख रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है.

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केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान ने भागलपुर के खादी बाजार में एक बार फिर नई जान फूंक दी है. स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले खादी के राष्ट्रीय ध्वजों के साथ-साथ खादी और सिल्क के कपड़ों की मांग में अचानक बड़ा उछाल आया है. केवल भागलपुर जिला खादी ग्रामोद्योग संघ से थोक और खुदरा मिलाकर लगभग 10 लाख रुपये के तिरंगे झंडे, खादी के कुर्ता-पायजामा और सिल्क साड़ियों की बिक्री दर्ज की गई है.

10 लाख रुपये के 600 खादी और 50 सिल्क के झंडे बिके

खादी ग्रामोद्योग के प्रशासक मायाकांत झा ने बताया कि इस बार खादी और सिल्क के झंडों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है. बाजार में सामान्य खादी के झंडे ₹300 से ₹1000 तक उपलब्ध हैं, जबकि कारों के लिए ₹50 में कार फ्लैग उपलब्ध कराए गए. इसके अलावा 48x72 आकार के सिल्क के तिरंगे ₹4,500 प्रति पीस तथा 30x45 आकार के सिल्क झंडे ₹2,500 में बिके.

कम समय के कारण असम और बंगाल के 20 लाख के ऑर्डर छूटे

प्रशासक मायाकांत झा के अनुसार, खादी ग्रामोद्योग संघ भागलपुर के अलावा प्रामाणिक खादी तिरंगे का निर्माण बेहद सीमित स्थानों पर होता है. इस बार आखिरी समय में असम और पश्चिम बंगाल से लगभग ₹20 लाख के थोक ऑर्डर प्राप्त हुए थे, लेकिन समय कम होने के कारण इन ऑर्डरों को पूरा नहीं किया जा सका. इसके अलावा मुंगेर जिलाधिकारी कार्यालय सहित पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, खगड़िया और नवगछिया से लगातार आपूर्ति के ऑर्डर मिलते रहे हैं.

खादी के कुर्ते-बंडी के साथ 'तिरंगा सिल्क साड़ी' की बढ़ी मांग

तिरंगे झंडों के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खादी के पारंपरिक परिधानों की मांग में भी 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है:

  • पुरुष परिधान: खादी के कुर्ता-पायजामा, धोती, बंडी और खादी टोपी की बिक्री में तेजी आई है.
  • महिला परिधान: महिलाओं के बीच विशेष रूप से 'तिरंगा सिल्क साड़ी' का क्रेज देखा जा रहा है. शुद्ध सिल्क की तिरंगा साड़ी ₹5,000 से ₹7,000 में उपलब्ध है, जबकि मिक्स फैब्रिक की साड़ियां ₹2,000 से ₹3,500 के बीच बिक रही हैं.

प्रशासक ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खादी को बढ़ावा देने के सपने को नई मजबूती और नया जीवन मिला है.


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दीपक कुमार राव

लेखक के बारे में

By दीपक कुमार राव

दीपक कुमार राव प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, कला-संस्कृति व सामाजिक कार्य में रुचि रखते हैं.

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