नीलगाय व जंगली सूअर करेगा फसल नष्ट, तो प्रति हेक्टेयर “50,000 की मिलेगी सहायता

Updated:
विज्ञापन

जंगली जानवरों द्वारा जान-माल की क्षति किये जाने पर पीड़ितों को सहायता राशि देने का वर्ष 2015 में प्रावधान किया गया था. लेकिन उसमें यह नहीं बताया गया था कि किस जानवर द्वारा क्षति किये जाने पर सहायता मिलेगी. इसे अपडेट करते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने जानवरों के नाम को जोड़ा है.

विज्ञापन

जंगली जानवरों द्वारा जान-माल की क्षति किये जाने पर पीड़ितों को सहायता राशि देने का वर्ष 2015 में प्रावधान किया गया था. लेकिन उसमें यह नहीं बताया गया था कि किस जानवर द्वारा क्षति किये जाने पर सहायता मिलेगी. इसे अपडेट करते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने जानवरों के नाम को जोड़ा है. साथ ही इससे संबंधित पत्र प्रमंडलीय आयुक्त व डीएम को भेजा है. हाथी, नीलगाय व जंगली सूअर द्वारा फसल क्षति किये जाने पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जायेगी. बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ व घड़ियाल द्वारा मनुष्य की मृत्यु या स्थायी अक्षमता पर 10 लाख, मनुष्य को गहरी चोट पर 1.44 लाख और हल्की चोट या घायल होने पर 24 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी. बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, लकड़बग्घा, भेड़िया द्वारा भैंस, गाय व बैल की मृत्यु होने पर 24 हजार, भेड़ व बकरा की मृत्यु होने पर 4,800 और बकरी की मृत्यु होने पर 7,200 रुपये की सहायता दी जायेगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन