फिल्मों के सामाजिक प्रभाव पर मंथन, दो पुस्तकों का लोकार्पण
Published by : JITENDRA TOMAR Updated At : 07 Jun 2026 11:30 PM
संत कबीर मिशन के तत्वावधान में विनय कुमार कबीरा के नेतृत्व में सामाजिक जागरूकता व क्रियाकलाप के नवप्रवर्तन विषयक संगोष्ठी हुई.
जगदीशपुर नयाचक मखना में संत कबीर मिशन के तत्वावधान में विनय कुमार कबीरा के नेतृत्व में सामाजिक जागरूकता व क्रियाकलाप के नवप्रवर्तन विषयक संगोष्ठी हुई. कार्यक्रम में वर्तमान सामाजिक समस्याओं और कुरीतियों पर चर्चा कर वक्ताओं ने अपने अनुभव व विचार साझा किये. संगोष्ठी का मुख्य विषय समाज और देश के विकास व विनाश में फिल्मों व फिल्मी दुनिया की भूमिका रही. वक्ताओं ने कहा कि फिल्मों का व्यक्ति और समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है. लोग अक्सर फिल्मी पात्रों व घटनाओं से प्रभावित होकर उसी तरह के व्यवहार करने लगते हैं. इस अवसर पर दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया. पहली पुस्तक उठती तरंगे के लेखक विनय कुमार कबीरा, कामता प्रसाद एवं आदित्य प्रसन्न हैं. दूसरी पुस्तक सामाजिक जागरूकता विषय पर आधारित विनय कबीरा की रचना है, जिसमें उनके विचारों के साथ प्रेरणादायक कविताएं संकलित हैं. वक्ताओं ने पुस्तकों की चर्चा कर मानवता, करुणा और सामाजिक संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का शुभारंभ श्रुति स्नेहा ने प्रस्तुत स्वागत गीत से हुआ. अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया. जयंत जलद प्रस्तुत गीत दर्द किसी का दिया जितना तुम सह जाओगे, सच है कि उतना ही मजा तुम पाओगे ने श्रोताओं का मन मोह लिया. कार्यक्रम में शिव कुमार स्नेही, राजकुमार, नंदलाल मंडल, विचिंत कुमार, डॉ प्रेमचंद पांडेय, संजीव कुमार झा, अभय कुमार मंडल, प्रीतम विश्वकर्मा, विनोद राय, राकेश कुमार, दीनानाथ रजक, डॉ मिथिलेश कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे.
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