विक्रमशिला सेतु गिरने से लाइफलाइन ठप, दो हिस्सों में बंटी जिंदगी, नाव और स्टीमर के भरोसे लोग

Published by :Preeti Dayal
Published at :04 May 2026 8:31 AM (IST)
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Bihar Vikramshila Bridge Collapse lifelines disrupted

विक्रमशिला सेतु की तस्वीरें

Bihar Bridge Collapse: भागलपुर में आधी रात को विक्रमशिला सेतु का स्लैब गंगा में समा गया. इस पुल के गिरने से लोगों के बीच बड़ी आफत आ पड़ी है. एक बार फिर लोग नाव और स्टीमर के भरोसे रह गए हैं. यह पुल पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल की जीवनरेखा मानी जाती है.

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Bihar Bridge Collapse: विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर 133 के पास बड़ा गैप बनने के बाद चार और पांच नंबर पिलर के बीच का स्लैब गंगा में समा गया. यह घटना रात करीब 12.55 बजे के बाद की बताई जा रही है. लेकिन एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप की सूचना 11 बजे के आसपास प्रशासन को किसी ने फोन कर दी थी. अभी तक घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

पुल गिरने से दो हिस्सों में बंटी जिंदगी

पुल के गिरने के बाद अब जिंदगी भी सचमुच दो हिस्सों में बंट चुकी है. विक्रमशिला सेतु के ध्वस्त होते ही सिर्फ एक पुल नहीं गिरा, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी जैसे अचानक ठहर गई है. सुबह-सुबह केला और सब्जी लेकर भागलपुर आने वाले ठेले वाले अब नाव और स्टीमर के भरोसे हैं.

मजदूरों के लिए काम तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों का समय दोगुना हो गया है, तो मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचना अब जोखिम भरा सफर बन गया है. सालों से जो दूरी कुछ मिनटों में तय हो जाती थी, अब वही सफर घंटों में भी पूरा नहीं हो पा रहा. गंगा, जो कभी जीवन का आधार थी, अब एक ऐसी दीवार बन गई है, जो लोगों को उनके रोजगार, इलाज और रिश्तों से दूर कर रही है.

नवगछिया, कोसी और सीमांचल के इलाकों के लिए यह सेतु सिर्फ रास्ता नहीं था, बल्कि विकास की एक मजबूत कड़ी थी. इसके टूटने से बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है, छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई है और आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. आज हर व्यक्ति के मन में एक ही सवाल है. क्या यह दूरी फिर कभी कम हो पाएगी? क्या जिंदगी फिर पहले जैसी पटरी पर लौट सकेगी?

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात भागलपुर की ओर से नवगछिया जाने वाली पिलर नंबर चार और पांच के बीच शाम से ही गैप बढ़ता गया और रात 11 बजे के बाद वह स्पष्ट दिखा. इसके बाद रात 12.55 बजे वह पूरा भाग गंगा में समा गया. दोनों ओर का संपर्क कट गया है. पुलिस की तैनाती कर दी गयी है. दोनों ओर से गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है.

रात दो बजे के आसपास डीएम और एसएसपी के साथ ही अन्य वरीय अधिकारियों ने पुल का जायजा लिया. पुल निर्माण निगम के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में लगे गए. जितनी बड़ी गाड़ियां आ रही हैं, दोनों ओर से उन्हें वापस लौटाया जा रहा है. मालूम हो कि आठ साल से इस पुल की मरम्मत नहीं हुई थी. प्रोटेक्शन वॉल क्षतिग्रस्त होने से सेतु के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचने की तभी आशंका बढ़ गई थी.

(भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट)

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

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डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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