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जमीन पर कब्जा जमाने पहुंचे जदयू MLA को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, हथियारों से लैस अपने गुर्गों के साथ पहुंचे थे विधायक

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
जदयू विधायक गोपाल मंंडल
जदयू विधायक गोपाल मंंडल
प्रभात खबर

बौंसी थाना क्षेत्र के श्याम बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास करीब 20 एकड़ जमीन पर कब्जा जमाने के लिए अपने गुर्गो के साथ पहुंचे गोपालपुर के जदयू विधायक नरेंद्र कुमार उर्फ गोपाल मंडल को स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ा. विधायक द्वारा जमीन हड़पने की नियत से किये गये जोर जबरदस्ती पर आक्रोशित लोगों ने विधायक को कुछ देर के लिए बंधक भी बनाया. मामले की जानकारी मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची बौंसी पुलिस ने मामले को शांत कराते हुये विधायक को आक्रोशित ग्रामीणों से मुक्त कराया.

हथियार व लाठी-डंडे से लैस होकर श्याम बाजार पहुंचे थे विधायक

रविवार को विधायक अपने गुर्गो के साथ चार वाहनों व हरवे हथियार व लाठी-डंडे से लैस होकर श्याम बाजार पहुंचे थे और जमीन पर रह रहे श्याम बाजार निवासी नंदकिशोकर साह का कॉलर पकड़कर उनके साथ बदतमीजी करते हुए उसे जबरन अपने वाहन पर बैठाने का प्रयास किये. इसी दौरान नंदकिशोर साह एवं उनके सहयोगी कुमोद यादव व जितेंद्र यादव द्वारा विधायक की जोर जबरदस्ती का कड़ा विरोध किया गया.

करीब 500 से अधिक ग्रामीण मौके पर जुटे, विधायक व उनके गुर्गों को बनाया बंधक

देखते ही देखते आस-पास के करीब 500 से अधिक ग्रामीण मौके पर जुट गये और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक व उनके गुर्गों को करीब एक घंटे तक बंधक बनाये रखा. ग्रामीणों के उग्र तेवर के आगे विधायक की एक न चली. विधायक को ग्रामीणों के सामने झुकना पड़ा. माफी मांगने की बात भी सामने आयी है. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला धीरे-धीरे शांत हो गया. इसके बाद विधायक अपने गुर्गों के साथ लौट गये.

क्या है मामला

विधायक गोपाल मंडल के अनुसार, यह जमीन नौ माह पूर्व झारखंड के पोड़ैयाहाट थाना के जगलपुर गांव निवासी शंभू राय से खरीदी गयी थी. इसके बाद विधायक द्वारा इस पर कब्जा जमाने का प्रयास किया गया था. जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में इसकी लिखित जानकारी दी थी. इसके बाद अंचल से जमीन की रसीद काटने पर रोक लगा दी गयी थी. इससे विधायक उग्र थे. बताया जा रहा है कि उक्त जमीन पर 70 साल से करीब 100 से अधिक लोग खाली व परती जमीन को अपने कब्जे में रखते हुये घर व मकान बना लिये हैं. उक्त जमीन 1910 में खतियानी रैयत अहलाद राय एवं उसके पुत्र सतन राय आदि ने लक्ष्मीपुर स्टेट के जमींदार खेवटदार छतर कुमारी को लगान अदा नहीं करने के बाबत रजिस्ट्री कर इस्तीफानामा कर दिया था. तबसे मोस्ताजीर नलिनी कांत सिंह एवं जामिनी कांत सिंह व उनके परिवार वालों को बंदोबस्ती रिटर्न के माध्यम से हक व अधिकार मिला है. इस बीच तकरीबन 40 साल पहले से ही मोस्ताजीर नलिनीकांत सिंह द्वारा 50 से अधिक लोगों को रैयती बसोबासी जमीन निबंधित कर दी गयी है. इसका लगान रसीद भी कट रहा है. इसमें कई आदिवासी व गैर आदिवासी स्थानीय लोग बस रहे हैं. उसी जमीन को विधायक द्वारा रजिस्ट्री केवाला करा लेने की बात सामने आ रही है.

कहते हैं विधायक

विधायक नरेंद्र कुमार उर्फ गोपाल मंडल ने बताया कि उक्त जमीन को खरीदा है. फिर भी एक ही जमीन को दो लोगों को किस आधार पर बेची गयी है. कैसे इसका कागजात तैयार हुआ है. मामले की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है. हालांकि विधायक ने घटना के बाद अपनी गलती स्वीकार की. कहा कि 24 मार्च को इस मामले में आपस में बैठकर मामले को सुझला लिया जायेगा. सभी पक्ष अपना कागजात लेकर मौजूद रहेंगे. जिसके पास जमीन का कागजात होगा, जमीन उसी की होगी.

कहते हैं अंचलाधिकारी

अंचलाधिकारी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि उक्त जमीन रैयती है. खतियानी जमीन के कई फरीक हैं, जिन्होंने अलग-अलग इस जमीन को बेचा है. मामले की जांच की जा रही है.

कहते हैं थानाध्यक्ष

थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस को घटनास्थल पर भेज कर मामले को शांत कराया गया. विधायक द्वारा 24 मार्च को बैठक कर मामला सुलझा लेने की बात कही गयी है. मामले को लेकर विधायक की ओर से कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. स्थानीय ग्रामीण नंदकिशोर साह ने विधायक के विरुद्ध थाने में अपहरण करने के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है. प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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Published Date

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