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Bhagalpur News. बैंक कर्मियों की हड़ताल से लटके रहे ताले, 700 करोड़ का कारोबार बाधित

Updated at : 27 Jan 2026 10:19 PM (IST)
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Bhagalpur News. बैंक कर्मियों की हड़ताल से लटके रहे ताले, 700 करोड़ का कारोबार बाधित

बैंक कर्मियों की हड़ताल से कारोबार प्रभावित.

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-पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन, नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

जिले के सभी बैंकों में मंगलवार को हड़ताल रही, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सभी राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक बंद रहे, साथ ही एटीएम सेवाएं ठप रहीं. हालांकि, प्राइवेट बैंक हड़ताल से बाहर थे, लेकिन सरकारी बैंक कर्मियों के अनुरोध पर शटर बंद रखे. हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना है. हड़ताल से करीब 700 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा है.

मांग नहीं मानी गयी तो तेज होगा आंदोलन, वित्तीय विभाग की होगी जिम्मेदारी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक अरविंद कुमार रामा ने बताया कि यूनियंस लगभग 20 वर्षों से इस मांग के लिए संघर्ष कर रहा है. 2015 में द्वितीय और चतुर्थ शनिवार को बंदी स्वीकार की गयी थी, लेकिन बाकी दो शनिवार की छुट्टी सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन ने लागू नहीं की. 2022 में भी इस मांग को उठाया गया था.सरकार जल्द ही इस मांग को लागू नहीं करती है, तो संगठन भविष्य में और भी गंभीर आंदोलन की ओर बढ़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह भारत सरकार के वित्तीय विभाग की होगी.

चार स्थानों पर बैंकर्स ने किया प्रदर्शन

शहर में चार पर धरना दिया गया. बैंक ऑफ इंडिया व इंडियन बैंक, राधा रानी सिन्हा रोड पर अरविंद कुमार रामा, संजय कुमार लल, सुनील चंद्र पाठक, गुंजेश कुमार, तारकेश्वर घोष, निलेश कुमार, आकाश आनंद, राकेश कुमार, जय किशन, रीता सिंह, अजय केडिया, मंतोष कुमार सहित 200 महिला-पुरुष बैंक कर्मी शामिल रहे.

एसबीआइ जोनल ऑफिस के समीप बीके झा, अमन कुमार तिवारी, विभाग कुमार, जेपी ठाकुर सहित 150 लोग धरना में शामिल रहे. पंजाब नेशनल बैंक, सर्किल ऑफिस के समीप एपी सिंह, मनोज कुमार घोष, सुमित आनंद, सुनील शर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने धरना दिया. बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप कृष्ण कुमार के नेतृत्व में लगभग 30 लोग ने धरना पर बैठे.

एक नजर में

बैंक : 20 (सरकारी व प्राइवेट)शाखा : 200 शाखा

बैंकर्स : 700

बोले बैंकर्स

बैंक हर गांव तक पहुंच गया है. बैंक कर्मियों की छुट्टी ज्यादा नहीं रहने से वह अपने घर नहीं जा पाते हैं. ऐसे में अगर सप्ताह में दो दिन की छुट्टी रही, तो आराम करने का मौका मिलेगा. खासकर महिला कर्मचारियों को जो छोटे बच्चे को घर पर छोड़कर बैंक में ड्यूटी करते हैं.

राकेश कुमार, उपमहासचिव, इंप्लाइ फेडरेशन बिहार ग्रामीण बैंकबैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग है. ग्रामीण बैंकों का आइपीओ वापस लिया जाये. आउटसोर्सिंग प्रोडक्ट बेचना भी बंद करे. मध्यस्थता एवं सरकार के वित्त विभाग के प्रतिनिधियों के समक्ष आश्वासन के बाद भी इस मांग को अभी तक लागू नहीं किया गया है.

आकाश आनंद, क्षेत्रीय महासचिव, ऑफिसर फेडरेशन बिहार ग्रामीण बैंकबैंक कर्मियों को प्रताड़ित किया जा रहा है. सरकार को चाहिए कि जितनी जल्दी हो, उतनी जल्दी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करे, अन्यथा आंदोलन तेज होगा.

अंकित सिंह, क्षेत्रीय सचिव, एआइआरआरबीए

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह बैंकों में लागू होनी चाहिए. यह मांग लंबे समय से चली आ रही है और इसको नजरअंदाज किया जा रहा है, जो आगे तेज आंदोलन होगी तो उनकी जिम्मेदारी होगी.

रितु सिंह, शाखा प्रबंधक, ग्रामीण बैंकआश्वासन के बाद भी मांग को अभी तक लागू नहीं किया गया. इसी मांग को लेकर यह हड़ताल है. मांग नहीं मानी गयी, तो आगे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा.

संजय लाठ, महासचिव, ऑफिसर्स फेडरेशन, इंडियन बैंकहमारी आशा है कि हड़ताल के बाद सरकार हमारी इस मांग को मान कर बाकी शनिवार को भी छुट्टी को लागू कर देगी. अन्यथा संगठन आने वाले समय में और भी गंभीर लड़ाई की ओर अग्रसर होगी. जिसकी जवाबदेही वित्तीय विभाग की होगी.

आरविंद रामा, संयोजक, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, भागलपुर—-

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KALI KINKER MISHRA

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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