विक्रमशिला सेतु पर अभी नहीं हटेगा बेली ब्रिज, 4 सप्ताह टली डी-लॉन्चिंग, भागलपुर-नवगछिया आवागमन रहेगा जारी
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज हटाने का काम चार सप्ताह के लिए टाल दिया गया है. गंगा का जलस्तर बढ़ने और वैकल्पिक व्यवस्था की मुश्किलों के चलते यह फैसला लिया गया है. हजारों लोगों को तत्काल राहत मिली है और इस मार्ग पर आवागमन जारी रहेगा.
भागलपुर. विक्रमशिला सेतु से गुजरने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पुल पर लगा बेली ब्रिज फिलहाल नहीं हटाया जाएगा. इसके डी-लॉन्चिंग का प्रस्तावित काम चार सप्ताह के लिए टाल दिया गया है. यानी 28 अगस्त से बेली ब्रिज हटाने की जो तैयारी थी, वह फिलहाल रुक गयी है और इस रास्ते से वाहनों का आवागमन जारी रहेगा.
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हालांकि, विक्रमशिला सेतु की मरम्मत कब से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं हो सकी है. बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड बाद में डी-लॉन्चिंग की संशोधित तिथि जारी करेगा.
28 अगस्त से शुरू होना था बेली ब्रिज हटाने का काम
विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य को लेकर बेली ब्रिज को हटाने की तैयारी चल रही थी. इसके लिए पहले 28 अगस्त से डी-लॉन्चिंग शुरू करने का प्रस्ताव था. बेली ब्रिज हटने के बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम आगे बढ़ाया जाना था.
लेकिन अब प्रशासन ने इस योजना को फिलहाल चार सप्ताह के लिए टाल दिया है. इससे भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क बनाए रखने में बड़ी राहत मिलेगी.
गंगा का जलस्तर बना सबसे बड़ी वजह
डी-लॉन्चिंग टालने के पीछे सबसे बड़ी वजह गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था को लेकर सामने आ रही मुश्किलें हैं.
भागलपुर और नवगछिया के बीच हर दिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं. बेली ब्रिज हटने की स्थिति में इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होता और लोगों को वैकल्पिक रास्तों या जल परिवहन पर निर्भर होना पड़ता.
वर्तमान जलस्तर में सुरक्षित और पर्याप्त वैकल्पिक जल परिवहन की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए आसान नहीं है. ऐसे में बेली ब्रिज को तत्काल हटाने से आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए डी-लॉन्चिंग स्थगित करने का निर्णय लिया गया है.
हजारों लोगों को मिली तत्काल राहत
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को नवगछिया और आसपास के इलाकों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है. रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, कारोबारी, मरीज और आम यात्री इस रास्ते से गुजरते हैं.
ऐसे में बेली ब्रिज हटाये जाने से यातायात पर सीधा असर पड़ सकता था. खासकर गंगा का जलस्तर बढ़े होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था सीमित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ सकती थी.
डी-लॉन्चिंग चार सप्ताह टलने से फिलहाल इस मार्ग पर आवागमन सामान्य रूप से जारी रहेगा.
मरम्मत कब शुरू होगी, अभी तय नहीं
बेली ब्रिज की डी-लॉन्चिंग टलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि विक्रमशिला सेतु की वास्तविक मरम्मत कब शुरू होगी. फिलहाल पुल निर्माण निगम की ओर से इसके लिए कोई एक निश्चित तिथि तय नहीं की गयी है.
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से डी-लॉन्चिंग की संशोधित तिथि बाद में जारी की जायेगी. तारीख तय होने के बाद उसी के अनुरूप प्रशासन की ओर से यातायात और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जायेगी.
प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि आम लोगों की सुविधा, सुरक्षा और निर्बाध आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. वर्तमान परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
गंगा के जलस्तर, यातायात की स्थिति और वैकल्पिक आवागमन की उपलब्धता को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा. यानी फिलहाल लोगों को बेली ब्रिज से आवागमन जारी रखने की राहत मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में डी-लॉन्चिंग की नयी तारीख घोषित होने के बाद फिर यातायात व्यवस्था में बदलाव की संभावना रहेगी.
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