बढ़ी गंगा तो बदला सुलतानगंज का नजारा, 66 लाख पार हुआ बाबाधाम जाने वाले कांवरियों का आंकड़ा
बढ़ी गंगा तो बदला सुलतानगंज का नजारा
सावन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन सुलतानगंज में आस्था का रंग नहीं फीका पड़ा है. उफनती गंगा ने मेले के अंतिम दिनों में अजगैवी नगरी को उसके सबसे भव्य रूप में ला दिया है. 66 लाख से ज्यादा कांवरिये बाबाधाम पहुंचे, जो एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है.
Sultanganj Kanwariya 2026: सावन अब विदाई की ओर है, लेकिन सुलतानगंज में आस्था का रंग फीका नहीं पड़ा है. उलटे, बढ़ती गंगा और उमड़ते कांवरियों ने श्रावणी मेले के अंतिम दिनों में अजगैवी नगरी को फिर अपने सबसे भव्य रूप में ला दिया है.
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उत्तरवाहिनी गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी पक्के घाटों तक पहुंच गया है. घाटों पर फिर से स्नान और गंगाजल भरने वाले कांवरियों की कतार दिखने लगी है. इसी बीच मंगलवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की प्रदोष तिथि पर 2,33,916 कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए.
कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शाम छह बजे तक यह आंकड़ा दर्ज किया गया. हजारों श्रद्धालु पैदल कांवर यात्रा पर निकले, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहनों से भी देवघर की ओर रवाना हुए.
गंगा बढ़ी तो पक्के घाटों पर फिर लौटी रौनक
सावन के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने से सुलतानगंज के पक्के घाटों की तस्वीर बदल गयी है. उत्तरवाहिनी गंगा अब अपने विस्तृत स्वरूप में नजर आ रही है.
सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गयी. कोई गंगाजल भरने पहुंचा तो कोई स्नान कर बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक का संकल्प लेकर कांवर यात्रा पर निकल पड़ा.
घाटों पर गूंजता बोल बम का जयघोष और कांवरियों की कतार अंतिम पड़ाव में भी मेले की रौनक बरकरार होने का एहसास करा रही है.
नमामि गंगे घाट की व्यवस्थाओं तक पहुंचा पानी
गंगा का बढ़ता जलस्तर जहां श्रद्धालुओं के लिए आस्था का मनोहारी दृश्य बना रहा है, वहीं मेला प्रशासन के सामने नई चुनौती भी खड़ी हो गयी है.
नमामि गंगे घाट परिसर में पानी फैल गया है. इससे नियंत्रण कक्ष और रजिस्ट्रेशन काउंटर समेत कुछ व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं. प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा बनाए रखने पर नजर रखी जा रही है.
आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ता है तो घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रशासन की व्यवस्था दोनों के लिए अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होगी.
25 महिला डाकबम समेत 249 ने लिया संकल्प
मंगलवार को डाकबमों में भी उत्साह देखने को मिला. प्रखंड कार्यालय के अनुसार 25 महिला डाकबम समेत 249 डाकबम प्रमाण पत्र लेकर बाबाधाम के लिए रवाना हुए.
प्रदोष तिथि पर गंगाजल लेकर निकले कांवरियों का संकल्प भी खास है. श्रद्धालुओं ने बताया कि वे गुरुवार को पूर्णिमा के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे.
यानी सावन के अंतिम दिनों में भी सुलतानगंज से देवघर तक आस्था की यह यात्रा लगातार जारी है.
26 दिनों में 66 लाख से ज्यादा कांवरिये पहुंचे बाबाधाम
श्रावणी मेला 2026 में सुलतानगंज से बाबाधाम जाने वाले कांवरियों का आंकड़ा भी नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.
24 अगस्त तक 26 दिनों में 66 लाख 28 हजार 100 कांवरिये उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल लेकर देवघर रवाना हो चुके थे.
शुक्रवार को श्रावणी मेले का समापन होना है. मेले के अंतिम दिनों में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है. हालांकि भीड़ में अब धीरे-धीरे कमी आने लगी है, लेकिन घाटों और कांवरिया पथ पर अब भी आस्था का प्रवाह दिखाई दे रहा है.
Sultanganj Kanwariya 2026: शाम की महाआरती ने बदल दिया गंगा तट का नजारा
दिनभर कांवरियों की भीड़ और बोल बम के जयघोष के बाद देर शाम गंगा तट का दृश्य और भी मनोहारी हो गया.
महाआरती के दौरान एक तरफ उफनती उत्तरवाहिनी गंगा थी, दूसरी तरफ दीपों की जगमगाहट. मंत्रोच्चार और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे गंगा तट को भक्तिमय बना दिया.
सावन अपने अंतिम पड़ाव पर है. कांवरियों की संख्या भले ही धीरे-धीरे कम हो रही हो, लेकिन सुलतानगंज की गंगा और बाबा बैद्यनाथ के प्रति श्रद्धा का प्रवाह अभी थमा नहीं है.
उफनती गंगा और उमड़ती आस्था ने सावन के आखिरी दिनों में एक बार फिर सुलतानगंज को उसी विराट रूप में खड़ा कर दिया है, जिसके लिए यह नगरी देशभर में जानी जाती है.
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