कचहरी से लेकर नगर निगम तक बस मेयर की चर्चा

Updated at : 03 Jun 2014 10:27 AM (IST)
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कचहरी से लेकर नगर निगम तक बस मेयर की चर्चा

भागलपुर: सोमवार को नगर निगम से लेकर कचहरी परिसर तक में बस मेयर की ही चर्चा होती रही. मेयर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई होनी थी. चर्चा के दौरान अधिवक्ता से लेकर आम लोग तक इस बारे में चर्चा कर रहे थे. चर्चा हो रही थी कि बिना वारंट पुलिस घर में छापामारी कर सकती […]

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भागलपुर: सोमवार को नगर निगम से लेकर कचहरी परिसर तक में बस मेयर की ही चर्चा होती रही. मेयर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई होनी थी. चर्चा के दौरान अधिवक्ता से लेकर आम लोग तक इस बारे में चर्चा कर रहे थे. चर्चा हो रही थी कि बिना वारंट पुलिस घर में छापामारी कर सकती है या नहीं.

कई अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर किसी संगीन मामले में कोई अप्राथमिक अभियुक्त है और पुलिस बिना न्यायालय से सर्च वारंट के बिना ही अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए घर पर छापेमारी करती है तो यह विधि सम्मत नहीं है. अधिवक्ता अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद ही किसी भी मामले के अप्राथमिक अभियुक्तों पर कार्रवाई विधि सम्मत माना जाता है. लेकिन वर्तमान में कई दृष्टांत मिले हैं जब पुलिस ने बिना न्यायालय के आदेश के ही अप्राथमिक अभियुक्तों पर कार्रवाई की है, जो किसी भी अर्थ में विधि सम्मत नहीं है.

आपराधिक मामलों के अधिवक्ता डॉ राजेश कुमार तिवारी कहते है कि कोर्ट में किसी अप्राथमिक अभियुक्तों के खिलाफ सभी साक्ष्य ज्ञापांक प्रस्तुत किया जाता है, उसके बाद कोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही पुलिस किसी अप्राथमिक अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. इस मामले में अधिवक्ता आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी कांड में अप्राथमिक अभियुक्तों के विरुद्घ जब तक पुलिस को न्यायालय से वारंट नहीं मिल जाता वह कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है. पुलिस को न्यायालय में अप्राथमिक अभियुक्तों के विरुद्घ जुटाये गये साक्ष्य को प्रस्तुत कर वारंट के लिए प्रे करना होता है. वारंट मिलने के बाद ही पुलिस अप्राथमिक अभियुक्तों के घर की तलाशी व गिरफ्तारी कर सकती है.

अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी मामले के अप्राथमिक अभियुक्त को पुलिस तब ही गिरफ्तार व घर पर छापेमारी कर सकती है जब कोर्ट से उसे सर्च वारंट मिला हो. बिना वारंट तामिला के पुलिस अप्राथमिक अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर सकती है.

हम नहीं जानते, पेपर में देखते हैं
दिवेश हत्याकांड में मेयर व पार्षद पर पुलिस कार्रवाई की चर्चा नगर निगम में सभी कर रहे थे, लेकिन नाम किसी का कोई नहीं ले रहा था. जब इस बात के बारे में जानकारी लेने की बात आयी तो सबका कहना था कि पता नहीं क्या बात है, हम जानते भी नहीं हैं. पार्षद भी इस प्रकरण पर बात करने से बचते रहे और एक ही बात कहते नजर आये इस बारे में कुछ नहीं जानकारी है. निगम में बहुतों ने कहा कि हम कुछ नहीं जानते है, पेपर में ही देखते हैं.

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