अधिकतर बच्चे बिहार के, दो भागलपुर के खरीक के रहनेवाले
Updated at : 29 Jul 2018 5:58 AM (IST)
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भागलपुर : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) बिल 2017 के खिलाफ आइएमए के बैनर तले जिले के चिकित्सक हड़ताल पर रहे. 12 घंटे चले हड़ताल से सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी. मरीज के परिजन इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे, लेकिन उनका इलाज नहीं हो सका. सबसे ज्यादा परेशानी उन […]
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भागलपुर : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) बिल 2017 के खिलाफ आइएमए के बैनर तले जिले के चिकित्सक हड़ताल पर रहे. 12 घंटे चले हड़ताल से सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी. मरीज के परिजन इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे, लेकिन उनका इलाज नहीं हो सका.
सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई,जो दूसरे जिले से यहां सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आये थे.मरीज दिन भर ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे. मायागंज अस्पताल के सर्जरी विभाग में हड़ताल से आधा दर्जन से ज्यादा मरीजों का ऑपरेशन नहीं हुआ. ओपीडी में आये मरीजों को इमरजेंसी भेजा गया. गंभीर मरीजों का इलाज चिकित्सकों ने किया. मायागंज अस्पताल में शनिवार को 380 मरीज आये. पहले से भर्ती मरीज और नये मरीजों से इमरजेंसी में अफरातफरी का माहौल था.
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