व्यवस्था से संतुष्ट पर शिक्षकों की कमी

Updated at : 24 Jul 2018 5:31 AM (IST)
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व्यवस्था से संतुष्ट पर शिक्षकों की कमी

भागलपुर : मायागंज अस्पताल की व्यवस्था की जांच करने सोमवार को बिहार सरकार द्वारा गठित एमसीआइ टीम सोमवार को पहुंची. इसमें अहमदाबाद के डॉ प्रो धीरज त्रिवेदी, डॉ प्रो चितरंजन राय और डॉ प्रो एसएन झा और डॉ हर्ष नारायण झा शामिल हैं. दो दिवसीय निरीक्षण उपरांत टीम राज्य सरकार को रिपोर्ट देगी. करीब सात […]

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भागलपुर : मायागंज अस्पताल की व्यवस्था की जांच करने सोमवार को बिहार सरकार द्वारा गठित एमसीआइ टीम सोमवार को पहुंची. इसमें अहमदाबाद के डॉ प्रो धीरज त्रिवेदी, डॉ प्रो चितरंजन राय और डॉ प्रो एसएन झा और डॉ हर्ष नारायण झा शामिल हैं. दो दिवसीय निरीक्षण उपरांत टीम राज्य सरकार को रिपोर्ट देगी. करीब सात घंटे तक टीम के सदस्यों ने हर विभाग की स्थिति देखी. जांच के सदस्यों ने पीजी हेड, सीनियर और जूनियर चिकित्सकों से बारी-बारी बात की. इस निरीक्षण का उद्देश्य यहां की कमी के बारे में पता कर सरकार को बताना है. जिसके बाद सरकार समस्या को दूर करेंगी .सारी प्रक्रिया कॉलेज व अस्पताल सौ सीट को लेकर किया जा रहा है.
शिशु रोग विभाग में पहुंची टीम. टीम शिशु रोग विभाग पहुंची. नीकू, एसएनसीयू विभाग और वार्ड की स्थिति को देख व्यवस्था को जाना. टीम सदस्य डॉ धीरज ने विभागाध्यक्ष डॉ आरके सिन्हा से सारी जानकारी ली. यहां की व्यवस्था से टीम संतुष्ट दिखी.
शिक्षकों की कमी की जानकारी ली. टीम में शामिल अध्यक्ष पीएमआर विभाग दरभंगा मेडिकल कॉलेज के डाॅ चितरंजन ने मेडिसिन, सर्जरी, एनेस्थेसिया, आइसीयू, ओपीडी, मानसिक रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग समेत अन्य विभागों का निरीक्षण किया. सारी व्यवस्था की जानकारी हेड से लिया. वहीं डॉ झा ने कॉलेज के फारेंसिक मेडिसिन, सेंटर लाइब्रेरी, हॉस्टल, लेक्चार रूम, अरबन स्वास्थ्य ट्रेनिंग सेंटर का भी निरीक्षण कर कमी को जानने का प्रयास किया.
वहीं केंद्रीय पुस्तकालय के निर्माण कार्य को देखा. कम्युनिटी मेडिकल में पीजी कम्युनिटी मेडिसिन का पद खाली रहने पर अफसोस जताया. मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान सदस्यों ने फैकल्टी की संख्या को देखा. कॉलेज में पांच पद प्रोेफेसर का और सीनियर रेजीडेंट का दो पद खाली है. वहीं निरीक्षण के बीच टीम के सदस्यों ने एमसीआई का फारमेंट के आधार पर सभी चिकित्सकों की योग्यता और उपस्थिति मांगा.
साफ सफाई से चमक रहा था अस्पताल. मायागंज अस्पताल की व्यवस्था का हाल जानने पहुंची टीम को यहां की व्यवस्था बेहतर लगे इसके लिए पूर्व से ही तैयारी आरंभ कर दी गई थी. सफाई के लिए खास तौर पर सफाई एजेंसी को निर्देश दिया गया था. जिस वजह से तीन दिन से यहां सफाई जारी था. दीवारों पर जमे दाग को हटाने के साथ साथ हर कोने में सफाई किया जा गया था. फर्श को भी लगातार साफ किया जा रहा था. नर्स, जूनियर चिकित्सक के साथ-साथ सभी कर्मचारी और अधिकारी अपने अपने ड्रेस में थे. आम दिनों की तरह मरीजों की भीड़ भी आज कम दिखा.
सुबह इमरजेंसी की जांच करने पहुंची टीम. एमसीआइ टीम इमरजेंसी का निरीक्षण सुबह पहुंची. इस दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ हेमंत कुमार सिन्हा समेत सभी वरीय चिकित्सक साथ थे. टीम के सदस्यों ने सभी वार्ड में प्रवेश कर यहां की व्यवस्था को जाना. नर्स से पूछा गया कि समय पर मरीजों को दवा सूई समेत अन्य चिकित्सा सुविधा दी जाती है या नहीं. गंभीर रूप से यहां इलाज के लिए आये मरीज के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है. इन बातों का संतोष जनक जवाब मिलने के बाद टीम इंडोर की ओर चली गयी.
कोर्ट में हलफनामा डाल कर सरकार ने मांगा था समय
अगस्त माह में एमसीआइ टीम को संभावित दौरा मायागंज अस्पताल व कॉलेज में होने वाला है. सरकार और अस्पताल प्रबंधन यहां सौ सीट की मान्यता चाहती है. पूर्व में भी टीम ने निरीक्षण के बाद सौ सीट की मान्यता देने से सुविधा के अभाव के कारण इंकार कर दिया था. मामला कोर्ट में सरकार और विभाग लेकर गयी. सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करते हुए सरकार ने जुलाई माह तक अपने संसाधन को परिपूर्ण करने का शपथ पत्र दिया था. इसके बाद सरकार ने एमसीआई इंस्पेक्टर समेत दो चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच करा रही है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार अपनी व्यवस्था को दुरुस्त करेंगी.
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