एक नर्स के भरोसे था अस्पताल, 10:45 बजे पहुंची डाॅक्टर, तब तक दम तोड़ चुका था मासूम
Updated at : 09 Jul 2018 4:31 AM (IST)
विज्ञापन

नाथनगर : नाथनगर रेफरल अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में डेढ़ घंटे तक तड़प कर एक नवजात ने दम तोड़ दिया. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह था कि, परिजन मदद के लिए भटकते रहे, लेकिन किसी ने कुछ भी न सुनी. न आॅक्सीजन ही समय पर दिया गया और न ही डाॅक्टर ही […]
विज्ञापन
नाथनगर : नाथनगर रेफरल अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में डेढ़ घंटे तक तड़प कर एक नवजात ने दम तोड़ दिया. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह था कि, परिजन मदद के लिए भटकते रहे, लेकिन किसी ने कुछ भी न सुनी. न आॅक्सीजन ही समय पर दिया गया और न ही डाॅक्टर ही मौके पर मौजूद मिले.
हद तो तब हो गई, जब इलाज की मांग करने गये गौराचौकी मुखिया और परिजनों से वहां मौजूद नर्स बदतमीजी पर उतर आयी. अस्पताल में डॉक्टर को सुबह के शिफ्ट में 08 बजे आना था, लेकिन वह 10:45 बजे पहुंची. सिर्फ एक नर्स के भरोसे ही पूरी व्यवस्था थी. जबकि सुबह की शिफ्ट में डॉक्टर अनुपमा सहाय और नर्स में रंजू कुमारी व नीलू की ड्यूटी थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




