गंडक नदी में बढ़ा जलस्तर, योगापट्टी के तीन स्कूल 30 जुलाई तक बंद, शिक्षकों की भी बदली ड्यूटी

स्कूल परिसर में बाढ़ का पानी
पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड में गंडक नदी की बाढ़ ने तीन सरकारी विद्यालयों में 30 जुलाई तक पठन-पाठन स्थगित करने पर मजबूर कर दिया है. विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. जलस्तर सामान्य होने पर ही नियमित कक्षाएं फिर से शुरू होंगी.
West Champaran News: गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ का पानी विद्यालय परिसर व संपर्क मार्ग में प्रवेश करने के कारण पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के तीन सरकारी विद्यालयों में 30 जुलाई तक पठन-पाठन स्थगित कर दिया गया है. विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है. जलस्तर सामान्य होने के बाद विद्यालयों में नियमित पढ़ाई शुरू की जाएगी.
योगापट्टी के इन तीन विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित
बाढ़ के पानी के कारण जिन विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित किया गया है, उनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंगलपुर रखही, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिसवनिया और प्राथमिक विद्यालय बैसिया उर्दू शामिल हैं.
विद्यालय परिसर में पानी भरने के साथ ही आने-जाने के संपर्क मार्ग के डूब जाने से विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए स्कूल पहुंचना जोखिम भरा हो गया था. इसे देखते हुए विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 30 जुलाई तक पठन-पाठन स्थगित करने का निर्णय लिया है.
विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है. विद्यार्थियों को जलजमाव वाले रास्ते से स्कूल आने-जाने में परेशानी और खतरा हो सकता था.
उन्होंने बताया कि विद्यालय बंद रहने के दौरान शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति आसपास के अन्य विद्यालयों में कर दी गई है.
जलस्तर सामान्य होते ही शुरू होगी पढ़ाई
शिक्षा विभाग के अनुसार विद्यालयों में पठन-पाठन फिलहाल 30 जुलाई तक स्थगित किया गया है. यदि गंडक नदी का जलस्तर सामान्य हो जाता है और विद्यालय परिसर व संपर्क मार्ग से पानी निकल जाता है, तो नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी.
प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए आगे भी जरूरत के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है.
हर साल बाढ़ में बाधित होती है बच्चों की पढ़ाई
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी में बाढ़ आने के बाद हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. विद्यालय परिसर और संपर्क मार्ग जलमग्न होने के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है. इससे उनकी पढ़ाई बार-बार बाधित होती है.
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है. उनका कहना है कि विद्यालयों तक सुरक्षित पहुंच के लिए ऊंचे संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए और बाढ़ से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं.
क्या कहते हैं अधिकारी
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तीन विद्यालयों में 30 जुलाई तक पठन-पाठन स्थगित किया गया है. संबंधित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति आसपास के अन्य विद्यालयों में कर दी गई है. जलस्तर सामान्य होते ही विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन शुरू कराया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By गणेश वर्मा
गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।
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