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पश्चिम चंपारण में ‘अपार आइडी’ बनाने में सुस्ती उजागर, एक साल में महज 57.10 फीसदी उपलब्धि पर शिक्षा विभाग सख्त

Updated at : 19 Jan 2026 6:59 PM (IST)
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पश्चिम चंपारण में ‘अपार आइडी’ बनाने में सुस्ती उजागर, एक साल में महज 57.10 फीसदी उपलब्धि पर शिक्षा विभाग सख्त

पश्चिम चंपारण जिले में स्कूली विद्यार्थियों के लिए बहुपयोगी और अनिवार्य ‘अपार आईडी’ निर्माण की प्रगति अपेक्षित लक्ष्य से काफी पीछे रहने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है.

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बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले में स्कूली विद्यार्थियों के लिए बहुपयोगी और अनिवार्य ‘अपार आईडी’ निर्माण की प्रगति अपेक्षित लक्ष्य से काफी पीछे रहने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिले में अब तक महज 57.10 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज होने से राज्य स्तर पर चिंता बढ़ गई है. इसको बेहद गंभीरता से लेते हुए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक ने प्रखंडवार लंबित कार्यों की विस्तृत सूची जारी करते हुए 25 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.निदेशक के निर्देश के आलोक में समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) गार्गी कुमारी ने पत्र जारी कर जिले के सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को कड़े निर्देश दिए हैं. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बीइओ अपने-अपने प्रखंडों में सरकारी एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के माध्यम से शेष बचे कुल 3,36,184 लक्षित छात्र-छात्राओं का ‘अपार आईडी’ कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाना सुनिश्चित करें.डीपीओ श्रीमती गार्गी ने निर्देश में कहा है कि ‘अपार आईडी’ विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों के डिजिटल एकीकरण, छात्रवृत्ति, परीक्षा,स्थानांतरण और भविष्य की शैक्षणिक व सरकारी योजनाओं में उपयोग के लिए अत्यंत आवश्यक है. इसके बावजूद प्रगति का यह स्तर असंतोषजनक है. उन्होंने बीइओ को विद्यालय स्तर पर शिविर लगाकर, अभिभावकों को जागरूक कर तथा दैनिक प्रगति की निगरानी करते हुए कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है. संबंधित कार्य के बाबत जारी चेतावनी के विषय में डीपीओ ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित प्रखंडों और विद्यालयों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘अपार आईडी’ निर्माण में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. लौरिया प्रखंड की मात्र 47.89 फीसदी उपलब्धि जिला भर में सबसे कम जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जानकार सूत्रों ने बताया कि पश्चिम चंपारण जिला की उपलब्धि 57.10 फीसदी होने में आधे दर्जन प्रखंडों की उपलब्धि जिला की औसत उपलब्धि से भी काफी कम है.इनमें लौरिया 47.89 फीसदी के रूप में सबसे निचले स्थान पर है.इसी प्रकार मैनाटांड़ 50.49,रामनगर 5375,मझौलिया 53.78, नौतन 54.10 और योगापट्टी में 54.88 उपलब्धि रहने पर कड़ी हिदायत दी गई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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