चीनी मिलें खुलने से पहले गन्ने का भाव तय करने की मांग, 650 रुपये क्विंटल के लिए किसानों का धरना

Updated:
विज्ञापन

एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते किसान व अन्य

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बगहा में किसानों ने चीनी मिलों के चालू होने से पहले गन्ने का मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया. किसानों ने गन्ना आपूर्ति के तुरंत बाद भुगतान और घटतौली रोकने के लिए सरकारी धर्मकांटा लगाने की भी मांग की है.

विज्ञापन

Bagaha News: बगहा में चीनी मिलों के चालू होने से पहले गन्ने का मूल्य घोषित करने समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर ईख कास्तकार संघ, बिहार के बैनर तले सोमवार को अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. किसान नेता छोटे श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया. किसानों ने अपनी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.

विज्ञापन

गन्ने का मूल्य 650 रुपये क्विंटल करने की मांग

ईख कास्तकार संघ ने खेती की बढ़ती लागत और चीनी के बढ़ते मूल्य को देखते हुए गन्ने का मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की. किसानों का कहना है कि खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और ढुलाई की लागत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में मौजूदा दर पर गन्ने की खेती किसानों के लिए लाभकारी नहीं रह गयी है.

गन्ना आपूर्ति के तुरंत बाद भुगतान की मांग

किसानों ने गन्ने की आपूर्ति के तुरंत बाद उनके बैंक खाते में भुगतान करने की मांग उठायी. संघ ने 14 दिनों वाली भुगतान व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की. किसानों का कहना है कि गन्ने की आपूर्ति के बाद भुगतान में देरी होने से उन्हें खेती और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.

घटतौली रोकने के लिए सरकारी धर्मकांटा की मांग

ईख कास्तकार संघ ने सभी चीनी मिल परिसरों में सरकारी धर्मकांटा स्थापित करने की मांग की. किसानों का कहना है कि इससे गन्ने की तौल में पारदर्शिता आएगी और घटतौली की शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. संघ ने किसानों के हित में गन्ने की तौल और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की.

खाद खरीद से फार्मर आइडी की व्यवस्था हटाने की मांग

किसानों ने यूरिया समेत अन्य खाद खरीदने के लिए लागू फार्मर आइडी की व्यवस्था तत्काल समाप्त करने की मांग की. संघ के अनुसार, इस व्यवस्था के कारण किसानों को खाद खरीदने में अनावश्यक परेशानी होती है. इसके अलावा चीनी मिल प्रबंधन से किसानों को उचित दर पर खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग भी की गयी.

नदी पार के किसानों के लिए ढुलाई व्यवस्था की मांग

ईख कास्तकार संघ ने बगहा चीनी मिल क्षेत्र में नारायणी नदी के उस पार रहने वाले किसानों के लिए गन्ने की आपूर्ति हेतु समुचित ढुलाई व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की. किसानों के अनुसार, नदी पार होने के कारण गन्ने को चीनी मिल तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है.

संघ ने चीनी मिलों के चालू होने से पहले गन्ने के मूल्य की घोषणा करने और सर्वे के आधार पर पूरे सीजन का कैलेंडर जारी करने की मांग की. कैलेंडर में पर्ची निर्गत करने की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने की भी मांग की गयी.

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसान नेता छोटे श्रीवास्तव के नेतृत्व में किसानों ने अनुमंडल पदाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. संघ की ओर से मुख्यमंत्री, गन्ना मंत्री, प्रधान सचिव गन्ना उद्योग विभाग पटना, ईख आयुक्त गन्ना उद्योग विभाग पटना और अनुमंडल पदाधिकारी को भी पत्र भेजा गया है. संघ ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र उचित पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.

धरना-प्रदर्शन में बिहारी प्रसाद कुशवाहा, लाल बाबू यादव, सोहन कुमार गुप्ता, सूरजभान यादव, प्रेमचंद यादव, विजय कुमार सिंह, कपिल देव चौहान, मुन्ना खां, भुवाल कुशवाहा, राजेंद्र पाल, रामजी काजी, वीरेंद्र पांडेय, प्रभुनाथ दीक्षित, प्रकाश चौधरी समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे.

यह भी पढ़ें: मकान की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने पर कितना टैक्स बचेगा? जानें 5 प्रतिशत छूट का नियम

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन