बिहार के बेटे ने चीन में लहराया तिरंगा, सेतु मिश्रा ने एशियाई चैंपियनशिप में भारत को दिलाया गोल्ड

बधाई देने पहुचे पूर्व विधायक उमाकांत सिंह व अन्य - फोटो: Prabhat Khabar
पश्चिम चंपारण के महना गांव के युवा धावक सेतु मिश्रा ने चीन में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है. उनकी इस उपलब्धि पर पूरे राज्य में खुशी की लहर है.
Asian U23 Athletics Championship: पश्चिम चंपारण के महना गांव के युवा धावक सेतु मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है. चीन में आयोजित प्रतियोगिता की 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में भारतीय टीम ने मेजबान चीन को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया.
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4×400 मीटर मिक्स्ड रिले में भारत बना चैंपियन
भारतीय टीम में सेतु मिश्रा, अस्तिक प्रधान, सेंड्रा मोल साबू और श्रावणी सचिन सांगले शामिल थे. फाइनल मुकाबले में चारों खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल और तेज दौड़ का प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
पश्चिम चंपारण के महना गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
सेतु मिश्रा पश्चिम चंपारण जिले के महना कुली पंचायत अंतर्गत महना गांव के निवासी हैं. उनके पिता दिवंगत दुखन मिश्रा सीआरपीएफ में जवान थे, जबकि उनकी मां संध्या मिश्रा सीआरपीएफ में सब-इंस्पेक्टर हैं.
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर और उच्च शिक्षा लखनऊ से प्राप्त की. वर्तमान में वह भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से जुड़े हैं और लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
परिवार में शिक्षा और उपलब्धियों की मजबूत विरासत
सेतु मिश्रा अपने परिवार के सबसे छोटे पुत्र हैं. उनके बड़े भाई इंजीनियर हैं, जबकि बड़ी बहन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. अब खेल के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि पूरे परिवार और जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है.
मुख्यमंत्री समेत कई लोगों ने दी बधाई
सेतु मिश्रा की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, पूर्व विधायक उमाकांत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेतु की सफलता से पश्चिम चंपारण और बिहार के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी. साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए और भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीतेंगे.
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