Saudi Migrant Death: सऊदी में प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, परिजनों में मचा कोहराम

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मृतक आबुल मियां के रोते बिलखते परिजन

Saudi Migrant Death: सऊदी अरब में मैनाटांड़ के एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को भारत लाने और प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

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बेतिया के मैनाटांड़ से रंजीत कुमार पटेल की रिपोर्ट

Saudi Migrant Death: इनरवा थाना क्षेत्र के घोड़पकड़ी गांव निवासी इसराफूल मियां के 35 वर्षीय पुत्र आबुल मियां की सऊदी अरब के रियाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.घटना बीते शुक्रवार की है, जिसकी जानकारी परिजनों को सोमवार को मिली.इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

तीन साल पहले कमाने गए थे सऊदी

जानकारी के अनुसार, आबुल मियां अपने परिवार के सुनहरे भविष्य को संवारने और जीविकोपार्जन के लिए तीन साल पहले सऊदी अरब गए थे.वहां वे एक कंपनी में सिलाई मास्टर (दर्जी) का काम करते थे.बीते शुक्रवार की रात आबुल मियां खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए थे, जिसके बाद से तीन दिनों तक उनका कोई अता-पता नहीं चला.आबुल मियां के कमरे से कुछ ही दूरी पर रहने वाले उनके बहनोई अलाउद्दीन अंसारी पिछले तीन दिनों से उनकी खोजबीन कर रहे थे.

कमरे में मिला शव, रियाद पुलिस जांच में जुटी

सोमवार की सुबह पता चला कि आबुल मियां की उनके कमरे में संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है.सूचना मिलते ही बहनोई अलाउद्दीन अंसारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी तुरंत घर वालों को दी.रियाद में स्थानीय पुलिस को भी सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.घटना की खबर मिलते ही मृतक की माता आर्य खातुन, पत्नी मरियम खातुन, बेटा अरहान, बेटी सालिया, सना और भाई जाकिर मियां सहित सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, मुआवजे की मांग

परिजनों ने आरोप लगाया है कि आबुल मियां की हत्या कर उसके शव को टांग दिया गया है, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके.मां आर्य खातुन ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा कभी आत्महत्या नहीं कर सकता.कंपनी प्रबंधन ने शव को जल्द भारत भेजने की कार्रवाई का आश्वासन दिया है.ग्रामीणों ने बताया कि घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजे की मांग की है.

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सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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