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Bettiah : चिकित्सकों की हड़ताल से ठप पड़ी जीएमसीएच में ओपीडी व्यवस्था, आमजन परेशान

Updated at : 26 Aug 2025 5:50 PM (IST)
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Bettiah : चिकित्सकों की हड़ताल से ठप पड़ी जीएमसीएच में ओपीडी व्यवस्था, आमजन परेशान

जीएमसीएच सहित पूरे बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मंगलवार से इंटर्न, जूनियर डॉक्टर्स और पीजी चिकित्सक हड़ताल पर चले गये हैं.

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– इंटर्न, जेआर व पीजी के चिकित्सक बैठे हड़ताल पर – स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर है हड़ताल, फिलहाल बीस हजार मिलता है स्टाइपेंड, चालीस हजार की है मांग बेतिया . जीएमसीएच सहित पूरे बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मंगलवार से इंटर्न, जूनियर डॉक्टर्स और पीजी चिकित्सक हड़ताल पर चले गये हैं. हड़ताल के कारण जीएमसीएच में ओपीडी सेवायें पूरी तरह ठप पड़ गई हैं. जिससे मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शन में शामिल इंटर्न चिकित्सक डॉ पीयूष अनुराग ने बताया कि उन्हें फिलहाल बीस हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलता है. जबकि महंगाई और काम के दबाव को देखते हुए इसे बढ़ाकर चालीस हजार रुपये करने की मांग लंबे समय से की जा रही है. सरकार द्वारा मांग पूरी नहीं किये जाने से नाराज होकर सभी चिकित्सक सामूहिक हड़ताल पर उतर गये हैं. इंटर्न महिला चिकित्सक डॉ अंशिका त्रिवेदी ने कहा कि कार्यक्षेत्र में सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दा है. आये दिन हम चिकित्सकों के साथ अस्पताल में दुर्व्यवहार या मारपीट की घटना होते रहती है. इस दिशा में भी कोई ठोस पहल प्रशासन द्वारा नहीं की जाती है. हड़ताल के कारण मंगलवार सुबह से ही जीएमसीएच में इलाज के लिए पहुंचे मरीज ओपीडी काउंटर पर भटकते नजर आये. कई गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा. वहीं परिजन भी नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं. चिकित्सकों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. – चरमरा गई चिकित्सा व्यवस्था, आमजन परेशान हड़ताल से मंगलवार को जीएमसीएच में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं. ओपीडी बंद होने के कारण मरीज हैरान परेशान दिखें. वे अपने परिजनों के साथ घंटों तक ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे गये. अंत में हारकर बारह बजते बजते मरीज व उनके परिजन अपने अपने घर या निजी क्लीनिकों का रूख कर लिये. लोगों का कहना था, कि इलाज के लिए वह काफी दूर-दूर से आये हैं बिना इलाज कराये जाने पर काफी परेशानी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MADHUKAR MISHRA

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