'1000 रुपये दो, तभी...' प्रसव के दौरान नवजात की मौत, अस्पताल में मचा हंगामा

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पेज03:नरकटियागंज अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल, हंगामा

अस्पताल में हंगामा, पूछताछ करती पुलिस नवजात के सात परिजन | Prabhat Khabar Network

पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सों पर लापरवाही और पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ।

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Narkatiaganj New Born Baby Death: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार सुबह प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. शिकारपुर थाना क्षेत्र के खिरिया मठिया वार्ड-1 निवासी प्रहलाद साह की पत्नी सीमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने और कथित रूप से रुपये की मांग किए जाने के कारण नवजात की मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया.

जीएनएम पर रुपये मांगने का आरोप

मृत नवजात के परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात जीएनएम अर्चना कुमारी, खुशबू कुमारी और संगीता कुमारी ने प्रसव के दौरान एक हजार रुपये की मांग की. परिजनों के अनुसार, उनसे कहा गया कि बच्चे के गले में नाल फंसी हुई है और नाल काटने के लिए पैसे देने होंगे.

प्रहलाद साह का दावा है कि उन्होंने 500 रुपये भी दिए, लेकिन इसके बावजूद समय पर आवश्यक चिकित्सा नहीं मिली और नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में प्रसव के दौरान रुपये लेने की प्रथा चल रही है.

प्रसूता के साथ अभद्र व्यवहार का भी आरोप

प्रहलाद साह ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही उनकी पत्नी के साथ अस्पताल कर्मियों ने अमानवीय व्यवहार किया. उनका कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद एक जीएनएम ने प्रसूता से कहा, "रोते हुए आई हो, रोते हुए जाओगी."

परिजनों का आरोप है कि प्रसव कराने में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे नवजात की मौत हो गई.

डॉक्टरों की मौजूदगी और पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और नर्सिंग स्टाफ पर कथित रूप से रुपये वसूलने के आरोप लगाए. सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम और अस्पताल प्रबंधक विपीन राज मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया.

घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने डायल-112 के चालक की भूमिका पर भी सवाल उठाए. हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

अस्पताल प्रबंधन ने जांच का दिया भरोसा

अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेक रंजन ने बताया कि नवजात की मौत उसके गले में नाल फंस जाने के कारण हुई. वहीं, अस्पताल प्रबंधक विपीन राज ने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी.

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.


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Satish Kumar Pand

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By Satish Kumar Pand

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