बिहार में पहली बार मानसून प्लाटिंग से होगी गन्ने की खेती, नरकटियागंज चीनी मिल की पहल

मानसून प्लाटिंग की जानकारी देते नरकटियागंज चीनी मिल के अधिकारी
पश्चिम चंपारण में गन्ने की खेती पारंपरिक दायरे से बाहर निकल रही है. नरकटियागंज चीनी मिल बड़े पैमाने पर मानसून प्लाटिंग की शुरुआत कर रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी. रेतीली जमीन पर भी अब गन्ने की फसल लहराएगी.
West Champaran News: पश्चिम चंपारण में गन्ने की खेती अब पारंपरिक दायरे से बाहर निकलने जा रही है. नरकटियागंज चीनी मिल ने बिहार में पहली बार बड़े पैमाने पर मानसून प्लाटिंग (वर्षाकालीन गन्ना रोपनी) की शुरुआत करने का निर्णय लिया है. पहले चरण में थरुहट क्षेत्र के जंगल से सटे रेतीले और असिंचित इलाकों में इस योजना की शुरुआत होगी. यहां 50 किसानों को रोगमुक्त गन्ना बीज उपलब्ध कराया गया है, जबकि 125 किसान प्लाटिंग के लिए इंडेंट दे चुके हैं. एक अगस्त से रोपनी शुरू होने की संभावना है.
Narkatiaganj News: रेतीली जमीन पर बढ़ेगी गन्ने की खेती
गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी पंचायत स्थित मितनी गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में नरकटियागंज चीनी मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी ने किसानों से मानसून प्लाटिंग अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि रेतीली एवं ऊपरी जमीन, जहां दूसरी फसलें नहीं हो पाती हैं, वहां गन्ना किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित होगा. इससे खेती का रकबा बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी.
रोगमुक्त बीज और ढैंचा से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरा शक्ति
चीनी मिल प्रबंधन ने बताया कि मानसून प्लाटिंग के लिए अपने फार्म से रोगमुक्त गन्ना बीज उपलब्ध कराया जा रहा है. गन्ने की दो कतारों के बीच ढैंचा की बुवाई हरी खाद के रूप में कराई जाएगी, जिससे मिट्टी की जैविक गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति में सुधार होगा. ढैंचा बीज का वितरण किया जा चुका है और खेतों की तैयारी अंतिम चरण में है.
खाली पड़ी जमीन बनेगी कमाई का जरिया
मिल प्रबंधन के अनुसार जमुनिया, भवानीपुर, सिंहासिनी और गौनाहा क्षेत्र के नदी किनारे स्थित रेतीले इलाकों का चयन किया गया है, क्योंकि यहां जलभराव नहीं होता और वर्षा के मौसम में गन्ने की बढ़वार बेहतर रहती है. गांव-गांव संपर्क अभियान चलाकर किसानों को इस नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है. कार्यपालक अध्यक्ष ने कहा कि जहां अब तक घास उगती थी, वहां अब किसानों की आय बढ़ाने वाली गन्ने की फसल तैयार होगी.
अधिकारी ने क्या कहा
गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार के आयुक्त अनिल झा ने कहा कि चंपारण गन्ने की खेती का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. सरकार गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए संकल्पित है. नरकटियागंज चीनी मिल द्वारा मानसून प्लाटिंग की पहल सराहनीय है और इससे खेती के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी.
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