रूठे मानसून ने बढ़ाई किसानों की परेशानी, 'काल कलौटी' की परंपरा फिर बनी चर्चा का विषय

Author Ganesh kumar|Edited by Aaruni Thakur
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मानसून की देरी से किसान चिंतित, 'काल कलौटी' की यादें ताज़ा

प्रतीकात्मक तस्वीर

पश्चिम चंपारण में मानसून की धीमी चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे धान की रोपनी प्रभावित हो रही है. इस बीच, वर्षों पुरानी 'काल कलौटी' की लोक परंपरा फिर चर्चा में आ गई है. अच्छी खबर यह है कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया है.

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Bettiah Weather News: पश्चिम चंपारण में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. जिले में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण धान की रोपनी प्रभावित हुई है और खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन सकी है. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में वर्षों पुरानी लोक परंपरा "काल कलौटी, उज्जर धोती... मेघा राजा पानी दे" फिर चर्चा में आ गई है.

हालांकि राहत की खबर यह है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने का अनुमान जताया है.

जब बच्चे गाते थे... "मेघा राजा पानी दे"

एक समय गांवों में बारिश नहीं होने पर बच्चे टोली बनाकर घर-घर जाते थे और गाते थे—

"काल कलौटी, उज्जर धोती... मेघा राजा पानी दे, पानी दे, पानी दे."

ग्रामीण उन्हें चावल, आटा और अन्य खाद्य सामग्री देते थे. बाद में बच्चे सामूहिक रूप से भोजन बनाते थे. लोक मान्यता थी कि इस परंपरा से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है.

आज यह परंपरा लगभग समाप्त हो चुकी है. नई पीढ़ी इससे दूर हो गई है और अधिकांश गांवों में यह लोक अनुष्ठान अब दिखाई नहीं देता. कम बारिश के बीच बुजुर्गों को यह परंपरा फिर याद आने लगी है.

धान की रोपनी पर पड़ा असर

बारिश में देरी का सीधा असर खेती पर दिखाई दे रहा है. खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से धान की रोपनी की रफ्तार धीमी है. किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं.

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर अच्छी बारिश होने पर रोपनी में तेजी आएगी और फसल को राहत मिलेगी.

8 से 12 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 8 से 12 जुलाई के बीच पश्चिम चंपारण में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है. इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवा, वज्रपात और भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.

30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है.

अगले सात दिनों का संभावित मौसम

तारीखसंभावित मौसमतापमान
8 जुलाईबादल, एक-दो दौर में बारिश, वज्रपात की आशंका25°C / 32°C
9 जुलाईआंशिक बादल, कहीं-कहीं बारिश25°C / 33°C
10 जुलाईहल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा संभव25°C / 32°C
11 जुलाईकई स्थानों पर बारिश, गरज-चमक25-26°C / 31-32°C
12 जुलाईमध्यम से भारी बारिश की संभावना25°C / 31°C
13 जुलाईरुक-रुक कर बारिश, जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्कता25°C / 31°C
14 जुलाईबादल, हल्की से मध्यम बारिश25°C / 32°C

स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

किसानों को राहत की उम्मीद

मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर बिहार में अगले एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा. यदि पूर्वानुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो पश्चिम चंपारण में धान की रोपनी को गति मिलेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है. वहीं प्रशासन ने लोगों से गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है.


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गणेश

लेखक के बारे में

By गणेश

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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