E20 पेट्रोल विवाद पर फिर गरजे मनीष कश्यप, नए वीडियो में उठाए कई बड़े सवाल

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E20 पेट्रोल विवाद पर फिर गरजे मनीष कश्यप, नए वीडियो में उठाए कई बड़े सवाल

Manish Kashyap E20 Petrol Controversy: यूट्यूबर मनीष कश्यप ने E20 पेट्रोल विवाद पर नया वीडियो जारी कर ऑटो कंपनी के बयान पर सवाल उठाए. कंटामिनेटेड फ्यूल, वारंटी और पेट्रोल पंपों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की.

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Manish Kashyap E20 Petrol Controversy: बेतिया के चनपटिया से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके यूट्यूबर मनीष कश्यप ने E20 पेट्रोल विवाद को लेकर फेसबुक पर नया वीडियो जारी किया है. वीडियो में उन्होंने एक ऑटोमोबाइल कंपनी के अधिकारियों के बयान पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की है.

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“एथेनॉल को क्लीन चिट कैसे मिल गई?”

मनीष कश्यप ने कहा कि उनकी गाड़ी में आई खराबी के लिए अब एथेनॉल की बजाय कंटामिनेटेड फ्यूल (दूषित पेट्रोल) को जिम्मेदार बताया जा रहा है. उनका सवाल है कि बिना किसी स्वतंत्र जांच के एथेनॉल को सही और पेट्रोल को दोषी कैसे ठहराया जा सकता है.

उन्होंने दावा किया कि उनके पहले वीडियो के बाद पूरे मामले में हलचल मची और संबंधित अधिकारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी.

कहानी के जरिए समझाया अपना पक्ष

वीडियो में मनीष कश्यप ने अपनी बात समझाने के लिए एक राजा और जहर वाली कहानी का उदाहरण दिया. उनका कहना था कि जैसे किसी घटना में असली वजह से ध्यान हटाने की कोशिश की जाती है, उसी तरह इस मामले में भी एथेनॉल की बजाय पेट्रोल को दोषी बताकर मूल सवालों से ध्यान भटकाया जा रहा है.

पेट्रोल पंपों की सूची सार्वजनिक करने की मांग

मनीष कश्यप ने कहा कि यदि वाहन में खराबी की वजह वास्तव में दूषित पेट्रोल थी, तो संबंधित कंपनी यह भी बताए कि आखिर विश्वसनीय (रेप्युटेड) पेट्रोल पंप कौन-कौन से हैं.

उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता कैसे पहचानेंगे कि किस पेट्रोल पंप से ईंधन भराना सुरक्षित है और किससे नहीं. इसलिए ऐसी सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए.

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तेल कंपनियों पर भी उठाए सवाल

वीडियो में उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल ही कंटामिनेटेड फ्यूल था, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है. उन्होंने नायरा, रिलायंस, बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल जैसी तेल कंपनियों का नाम लेते हुए इस संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा.

वारंटी को लेकर भी पूछा सवाल

मनीष कश्यप ने संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी से यह भी पूछा कि उनकी गाड़ी केवल 12 हजार किलोमीटर चलने के बावजूद वारंटी के दायरे में क्यों नहीं ली गई.

उन्होंने पूरे मामले में सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने, पारदर्शिता बरतने और उपभोक्ताओं के सामने स्पष्ट जवाब रखने की मांग की.

नोट: यह समाचार मनीष कश्यप द्वारा वीडियो में किए गए दावों और सवालों पर आधारित है. संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनी या तेल कंपनियों की ओर से इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के समय तक सामने नहीं आई है.

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गणेश

लेखक के बारे में

By गणेश

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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