आधी रात कॉलोनी में पहुंची मादा भालू, शावक के साथ आधे घंटे तक घूमती रही; लोगों में दहशत

Author Israel ansari|Edited by Aaruni Thakur
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कालोनी में विचरण करता भालू - फोटो Prabhat Khabar

वाल्मीकिनगर के गंडक कॉलोनी क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक मादा भालू अपने शावक के साथ रिहायशी इलाके में पहुंच गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. करीब आधे घंटे तक घूमने के बाद भालू शावक संग सुरक्षित जंगल लौट गई.

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Valmikinagar News: वाल्मीकिनगर के गंडक कॉलोनी क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय दहशत फैल गई, जब एक मादा भालू अपने शावक के साथ रिहायशी इलाके में पहुंच गई. रात करीब 12 बजे कॉलोनी की सड़कों पर भालू को घूमता देख लोग घरों से बाहर निकल आए, जबकि कई लोगों ने सुरक्षित स्थानों से इसका वीडियो भी बनाया.

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करीब आधे घंटे तक कॉलोनी में रहने के बाद मादा भालू अपने शावक के साथ सुरक्षित जंगल की ओर लौट गई.

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कुत्ते भौंकते रहे, लेकिन भालू शांत रही

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कॉलोनी में घूमने के दौरान कई आवारा कुत्ते भालू के पीछे भौंकते रहे, लेकिन मादा भालू ने किसी पर हमला नहीं किया. वह शांत तरीके से इलाके में घूमती रही और बाद में वापस जंगल चली गई.

तीन महीने से लगातार हो रही है आवाजाही

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है. पिछले करीब तीन महीनों से यही मादा भालू अपने शावकों के साथ गंडक कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार देखी जा रही है.

बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में वह अक्सर आबादी वाले इलाके में पहुंच जाती है. मंगलवार रात भी उसने कॉलोनी के पेड़ों के नीचे गिरे आम खाए और फिर जंगल लौट गई.

शाम ढलते ही घरों में सिमट रहे लोग

लगातार हो रही वन्यजीवों की आवाजाही से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि अब शाम होने के बाद लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं.

वन विभाग ने जारी की अपील

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि भालू दिखाई दे तो उसके पास जाने, भीड़ लगाने या उसे उकसाने की कोशिश बिल्कुल न करें.

उन्होंने कहा कि रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें.

विशेषज्ञों ने सुझाया स्थायी समाधान

प्रकृति प्रेमी मनोज कुमार का कहना है कि जंगल के भीतर भालुओं के पसंदीदा फलदार और खाद्य पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर न आना पड़े.

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में भालुओं की अच्छी संख्या है. भोजन की कमी होने पर वे जंगल छोड़कर मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए संरक्षण, भोजन उपलब्धता और प्रभावी निगरानी बेहद आवश्यक है.

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