उद्घाटन से पहले ही 91 करोड़ की सड़क, पहली बारिश में बन गई तालाब!

Author Alok augustine|Edited by Aaruni Thakur
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उद्घाटन से पहले ही 91 करोड़ की लाइफलाइन पर जलजमाव जीएमसीएच के सामने दिखा तालाब जैसा नजारा

जीएमसीएच के मुख्य द्वार पर जमा बारिश का पानी - फोटो: Prabhat Khabar

बेतिया में 91 करोड़ की नवनिर्मित फोरलेन सड़क पर पहली बारिश में ही जलजमाव हो गया। जीएमसीएच के सामने तालाब जैसे हालात से मरीजों और लोगों को भारी परेशानी हुई।

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Bettiah Four Lane Road: शहर की बहुप्रतीक्षित 91 करोड़ रुपये की पथरी घाट-जीएमसीएच-बरवत सेना फोरलेन सड़क का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है और उद्घाटन भी बाकी है. लेकिन पहली ही बारिश ने परियोजना की गुणवत्ता और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

शुक्रवार को हुई बारिश के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के मुख्य प्रवेश द्वार और ऑडिटोरियम की ओर जाने वाले नवनिर्मित मार्ग पर पानी भर गया. सड़क का एक हिस्सा तालाब जैसा नजर आने लगा.

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अस्पताल पहुंचने में मरीजों को हुई परेशानी

जीएमसीएच जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.

मुख्य प्रवेश मार्ग पर जलजमाव होने से मरीजों, उनके परिजनों, मेडिकल छात्रों और अस्पताल कर्मचारियों को काफी दिक्कत हुई. पैदल आने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जबकि दोपहिया, चारपहिया वाहनों और एंबुलेंस की आवाजाही भी प्रभावित रही.

पहली बारिश में ही उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण अभी अंतिम चरण में है. ऐसे में पहली ही बारिश में पानी जमा होना जलनिकासी व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करता है.

लोगों का मानना है कि यदि अभी तकनीकी सुधार नहीं किया गया तो मानसून के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं, जिससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी.

शहर की महत्वपूर्ण परियोजना है फोरलेन

यह फोरलेन सड़क पथरी घाट, जीएमसीएच और बरवत सेना को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है. इसके पूरा होने के बाद शहर के यातायात को बेहतर बनाने और अस्पताल तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है.

हालांकि, निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क पर जलभराव की तस्वीरों ने परियोजना की गुणवत्ता और भविष्य की उपयोगिता को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं.

लोगों ने की तकनीकी जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क के उद्घाटन और अंतिम हस्तांतरण से पहले जलनिकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जाए.

उन्होंने कहा कि जहां-जहां पानी जमा हो रहा है, वहां तत्काल आवश्यक सुधार किया जाए ताकि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का लाभ लोगों को बिना किसी परेशानी के मिल सके.

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