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नरकटियागंज में खुंटी गन्ने का प्रबंधन करे किसान तो सात साल तक हो सकती पैदावार : आरएन तिवारी

Updated at : 07 May 2025 6:07 PM (IST)
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नरकटियागंज में खुंटी गन्ने का प्रबंधन करे किसान तो सात साल तक हो सकती पैदावार : आरएन तिवारी

बिहार में गन्ने की खेती एक बेहतर विकल्प है. बशर्ते खेती का प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जाए. खुंटी गन्ने का प्रबंधन देखना है तो हसनपुर चलिये, वहां सात सालों तक खुटी गन्ने की पैदावार हो रही है.

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नरकटियागंज. बिहार में गन्ने की खेती एक बेहतर विकल्प है. बशर्ते खेती का प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जाए. खुंटी गन्ने का प्रबंधन देखना है तो हसनपुर चलिये, वहां सात सालों तक खूंटी गन्ने की पैदावार हो रही है. गन्ने की खुंटी का प्रबंधन यहां किसान अच्छा से नहीं कर रहे हैं, इसमें सुधार की जरूरत है. उक्त बातें किसानो को संबोधित करते हुए न्यू स्वदेशी शुगर मिल्स के नवागत कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र नाथ तिवारी ने कही. वे चीनी मिल के सभागार में गन्ना उद्योग विभाग और चीनी मिल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे. कार्यपालक अध्यक्ष ने कहा कि मिल की बेहतरी के लिए उन्हें जो आता है, वे किसानों को देंगे और किसानों से जो सीखने को मिलेगा वो सीखेंगे. उन्होंने कहा कि मजदूरों का संकट है. सरकार का यंत्रिकीकरण पर जोर है और हमें आय बढ़ाने में इससे मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि कोई भी किसान हो, खेती किसानी का हिसाब रखें. अगर हिसाब नहीं रखेंगे तो मुनाफा नहीं होगा. हमें बुआई से लेकर कटाई तक ध्यान रखने की जरूरत है. इससे पहले नवागत कार्यपालक अध्यक्ष का बुके देकर कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव त्यागी, किसान बृजेश शुक्ल समेत मिल के अधिकारियों ने स्वागत किया. वही प्रशिक्षण शिविर में ईख पदाधिकारी श्रीराम सिंह ने कहा कि चीनी मिलें और किसान एक दूसरे के पूरक हैं. हमे नयी ऊर्जा के साथ काम करना है. अनुदानित कृषि यंत्रों की सूची बढ़ाने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. पांच प्रकार के कृषि संयंत्रों को शामिल किया जाएगा. किसानों ने पूर्व में कृषि संयत्रों को शामिल करने की मांग की थी. उन्होंने किसानों से आधार वीज, प्रमाणित बीज, कीटनाशक आदि के लक्ष्य को बढ़ाने की बात कही. उन्होंने गन्ना की खेती को वैज्ञानिक ढंग से करने की नसीहत दी. उन्होंने अनुदानित दरों पर दी गई यांत्रीकरण के अद्यतन स्थिति को जाना. श्री सिंह ने यांत्रिकरण और राज्य सरकार द्वारा पोषित अतिरिक्त गन्ना मूल्य के बारे में बताया. उन्होंने दोहराया कि किसानों के गन्ना मूल्य का पाई पाई भुगतान हो चुका है. उन्होंने अंतरवर्ती खेती पर जोर दिया. आलू, गोभी, पालक, मसूर आदि के साथ गेहूं की अंतरवर्ती खेती पर अधिक फोकस किया. संचालन कार्यपालक उपाध्यक्ष गन्ना केएस ढाका ने किया. मौके पर कार्यपालक उपाध्यक्ष गन्ना अनुसंधन पीके गुप्ता, राकेश राठी, मनोज मिश्र, पीएन मिश्र, योगेन्द्र सिंह, समेत क्षेत्र के किसान शामिल हुए. गन्ने का सर्वे अपनी मौजूदगी में करायें किसान, चालान की नहीं होगी समस्या प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे किसानों को संबोधित करते हुए उपकार्यपालक अध्यक्ष राजीव त्यागी ने कहा कि पिछली बार किसानों के समक्ष चालान की समस्या उत्पन्न हुई थी. इसे देखते हुए जितने किसान भाई हैं, वे अपने गन्ने का सर्वे अपनी मौजूदगी में करा लें. मिल प्रबंधन द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि सर्वे कार्य संपन्न होने से किसानों को आने वाले सीजन में ससमय चालान मिल सकेगा. उन्होंने कैलेंडर से लेकर चालान निर्गत करने कि प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाये जाने की बात कही. दो सौ किसानों ने नये कार्यपालक अध्यक्ष का किया भव्य स्वागत प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे क्षेत्र के दो सौ किसानों ने नये कार्यपालक अध्यक्ष आरएन तिवारी का ताली बजाकर स्वागत किया. किसानो की ओर से नये कार्यपालक अध्यक्ष का स्वागत करते हुए बैरिया के किसान बृजेश शुक्ल ने कहा कि मिल को नयी उंचाई मिले. मिल के नये प्रबंधक से बहुत सारी उम्मीदें हैं. किसान और मिल प्रबंधन के बीच के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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