साहित्य में योगदान के लिए डॉ. दिवाकर राय को मिलेगा पंडित राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान

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सम्मान प्राप्त करते डॉ दिवाकर राय (फाइल फोटो) | Prabhat Khabar Network

साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. दिवाकर राय को पंडित राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान-2026 के लिए चुना गया है. आठ पुस्तकों और सात नाटकों के जरिए चंपारण के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और स्थानीय नायकों को साहित्य में जीवंत करने वाले डॉ. राय को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं. अब 23 अगस्त को पटना में उन्हें पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती पर सम्मानित किया जाएगा.

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Literature Award: चंपारण के साहित्यकार एवं नाटककार डॉ. दिवाकर राय को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पंडित राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान-2026 के लिए चयनित किया गया है. पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से उन्हें भेजे गए पत्र में इसकी जानकारी दी गई है. सम्मान पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती के अवसर पर 23 अगस्त 2026 को पटना स्थित बिहार विधान मंडल के विधान परिषद एनेक्सी हॉल में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा. संस्थान ने पत्र के माध्यम से डॉ. दिवाकर राय से 23 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे आयोजित समारोह में उपस्थित होकर सम्मान ग्रहण करने का आग्रह किया है. साहित्य के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किए जाने पर डॉ. राय ने संस्थान के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है.

पंडित राजकुमार शुक्ल पर लिख चुके हैं ‘नील नायक’

डॉ. दिवाकर राय ने चंपारण के स्वतंत्रता आंदोलन और स्थानीय नायकों को अपने साहित्य का प्रमुख विषय बनाया है. उनकी चर्चित कृति ‘नील नायक’ पंडित राजकुमार शुक्ल के जीवन-संघर्ष पर आधारित है. मई 2026 में बेतिया में इसका लोकार्पण हुआ था. वहीं उनका भोजपुरी नाटक ‘ऊ अकेला मर्द रहे’ भी पंडित राजकुमार शुक्ल के जीवन-संघर्ष पर केंद्रित है.

आठ पुस्तकें, सात नाटक और कई सम्मान

डॉ. दिवाकर राय की अब तक आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें सात नाटक हैं. उनके लेखन में भारत की अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न प्रसंग प्रभावी रूप से उभरते हैं. उनकी एकांकी को विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस की अंतरराष्ट्रीय हिंदी एकांकी लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार भी मिल चुका है. विभिन्न संस्थानों से उन्हें करीब डेढ़ दर्जन सम्मान प्राप्त हो चुके हैं.

हाल में मिला जयशंकर प्रसाद स्मृति साहित्य सम्मान

जून 2026 में डॉ. दिवाकर राय को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रवाक्-2026 में जयशंकर प्रसाद स्मृति साहित्य सम्मान से भी सम्मानित किया गया था. यह सम्मान चंपारण सत्याग्रह पर आधारित उनके चर्चित नाटक ‘नील नायक’ के लिए प्रदान किया गया.

सम्मान को लेकर साहित्य जगत में खुशी

पंडित राजकुमार शुक्ल के नाम पर मिलने वाले इस सम्मान के लिए डॉ. दिवाकर राय के चयन से चंपारण के साहित्यिक जगत में खुशी है. साहित्यप्रेमियों का कहना है कि स्थानीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और चंपारण के गुमनाम नायकों को अपनी रचनाओं के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उनके प्रयासों को यह सम्मान नई पहचान देगा.


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गणेश वर्मा

लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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