बेतिया-मझौलिया रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण आज, डीआरएम ने लिया तैयारियों का जायजा

प्रतीकात्मक तस्वीर
बेतिया-मझौलिया रेलखंड के दोहरीकरण कार्य का शुक्रवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा. निरीक्षण को लेकर रेलवे प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इसी
बेतिया-मझौलिया रेलखंड के दोहरीकरण कार्य का शुक्रवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा अंतिम निरीक्षण किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण निरीक्षण को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इसी सिलसिले में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) शुक्रवार सुबह ही बेतिया रेलवे स्टेशन पहुंच गए. उन्होंने वरिष्ठ रेल अधिकारियों की टीम के साथ स्टेशन परिसर, ट्रैक, सिग्नलिंग व्यवस्था, इंटरलॉकिंग, रेलवे क्रॉसिंग और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं का गहन निरीक्षण किया और तैयारियों को अंतिम रूप दिया.
10 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर होगा स्पीड ट्रायल और तकनीकी जांच
सीआरएस बेतिया से मझौलिया तक के करीब 10 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत रेलखंड का विंडो निरीक्षण करेंगे. इस दौरान ट्रैक, सिग्नल, ओवरहेड उपकरण (ओएचई) एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जाएगी. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों और रेल परिचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का कड़ा परीक्षण होगा. इसके सफल समापन के बाद ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार का ट्रायल भी किया जा सकता है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सभी तकनीकी कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं.
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण बदला था ट्रेनों का रूट
इस रेलखंड को नए ट्रैक से जोड़ने के लिए एक और दो जुलाई को नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) का कार्य किया गया था. इस दौरान सिग्नल पोस्ट, इंटरलॉकिंग, पैनल मॉडिफिकेशन, क्रॉसिंग प्वाइंट तथा सिग्नल कनेक्टिविटी से जुड़े जटिल कार्य पूरे किए गए. इस बड़े मेगा ब्लॉक के कारण रेलवे को दो यात्री ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था, जबकि 13 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर चलाया गया था.
वाल्मीकिनगर से मुजफ्फरपुर तक पूरा होगा दोहरीकरण का सपना
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यदि शुक्रवार को होने वाले सीआरएस निरीक्षण में दोहरीकरण कार्य को हरी झंडी मिल जाती है, तो चार जुलाई से इस नए रेलखंड पर दोहरी लाइन से ट्रेनों का विधिवत परिचालन शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही वाल्मीकिनगर से मुजफ्फरपुर तक रेल लाइन के दोहरीकरण का महापरियोजना कार्य पूरी तरह संपन्न हो जाएगा. इससे पूरे रूट पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध होगा. ट्रेनों को अब क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
उत्तर बिहार के हजारों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नए ट्रैक के चालू होने से पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर जिलों के हजारों रेल यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा. रेलवे की परिचालन क्षमता बढ़ने के साथ ही मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होगी. इसके अलावा, भविष्य में इस रूट पर नई और प्रीमियम ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी काफी मजबूत हो जाएंगी.
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By गणेश
गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।
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