50 करोड़ के विकास कार्य अटके, 400 योजनाओं पर ब्रेक; बारिश ने बढ़ाई बेतिया नगर निगम की मुश्किलें

Updated:
विज्ञापन

बेतिया नगर निगम भवन

बेतिया नगर निगम में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है. करीब 50 करोड़ रुपये की 400 से अधिक विकास योजनाएं फाइलों में अटकी हुई हैं. मानसून के आने से इन परियोजनाओं में और देरी की आशंका जताई जा रही है.

विज्ञापन

Bettiah Municipal Corporation: शहर के विकास की रफ्तार इन दिनों धीमी पड़ गई है. नगर निगम की करीब 50 करोड़ रुपये लागत की 400 से अधिक विकास योजनाएं लंबे समय से फाइलों में अटकी हुई हैं. कई परियोजनाओं का कार्यादेश जारी होने के बावजूद जमीन पर काम शुरू नहीं हो सका है, जबकि जिन योजनाओं पर निर्माण चल रहा है, उनकी गति भी बेहद धीमी है.

अब मानसून शुरू होने के बाद इन परियोजनाओं में और देरी की आशंका बढ़ गई है.

550 योजनाओं को मिली थी मंजूरी, टेंडर निकले सिर्फ 165 के

जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल 2026 को महापौर गरिमा देवी सिकारिया की अध्यक्षता में हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में करीब 550 विकास योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी. साथ ही जल्द निविदा प्रकाशित करने का निर्देश भी दिया गया था.

इसके बावजूद नगर निगम अब तक केवल 165 योजनाओं की ही निविदा जारी कर पाया है, जबकि करीब 400 योजनाएं अब भी विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं.

इनमें अधिकांश योजनाएं पहले वर्ष 2025 में स्वीकृत हुई थीं और अप्रैल 2026 में दोबारा प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है.

शहर की कई बड़ी परियोजनाएं भी अटकीं

लंबित योजनाओं में शहर की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका सीधा असर शहरी सुविधाओं पर पड़ना है.

इनमें प्रमुख हैं—

  • करीब 22 करोड़ रुपये का काली धाम कॉरिडोर (9 चरणों में)
  • लगभग 14 करोड़ रुपये का मॉडल न्यू बस स्टैंड
  • करीब 2.45 करोड़ रुपये से महारानी जानकी कुंवर नगर भवन का जीर्णोद्धार
  • कालीबाग परिसर का विकास
  • प्रमुख पोखरों पर महिला चेंजिंग रूम का निर्माण
  • बस स्टैंड एवं शहीद पार्क का जीर्णोद्धार
  • खिरिया घाट विवाह भवन
  • सैकड़ों सड़क और नाला निर्माण योजनाएं

बारिश से और बढ़ सकती है देरी

शहर में बरसात शुरू होने के बाद सड़क, नाला और जलनिकासी से जुड़ी परियोजनाओं के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो कई योजनाएं अगले वित्तीय वर्ष तक टल सकती हैं. इसका सीधा असर शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं पर पड़ेगा.

महापौर ने जताई नाराजगी

महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि बोर्ड बैठक में सभी स्वीकृत योजनाओं की शीघ्र निविदा प्रकाशित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था, लेकिन अपेक्षित गति से काम नहीं हो सका.

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाना नगर निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए.

नगर आयुक्त ने बताई देरी की वजह

नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने बताया कि कर्मचारियों की कमी और कुछ तकनीकी कारणों से निविदा प्रक्रिया प्रभावित हुई है.

उन्होंने कहा कि करीब 200 योजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और शेष योजनाओं की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी. इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई जारी है.

यह भी पढ़ें: पहले शादी का झांसा, फिर कोर्ट मैरिज... अब 5 लाख दहेज नहीं देने पर घर से निकालने का आरोप


विज्ञापन
मधुकर मिश्रा

लेखक के बारे में

By मधुकर मिश्रा

मधुकर मिश्र ने 1986 में आकाश मार्ग हिंदी दैनिक देवरिया उत्तर प्रदेश से पत्रकारिता की शुरुआत की थी. इसके बाद में दिल्ली और पटना से एक साथ प्रकाशित संध्या प्रहरी, आज, नवभारत टाइम्स में कार्य किए. इस क्रम में पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं. वर्तमान में बेतिया प्रभात खबर हिंदी दैनिक सह मल्टीमीडिया कार्यालय से जुड़कर कार्य कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन