बगहा: प्रशासन की चेतावनी धरी रह गई, बगहा में अतिक्रमणकारियों ने फिर कर लिया कब्जा
Published by : Purushottam Kumar Updated At : 05 Jun 2026 11:02 AM
हटाए गए अतिक्रमण की जगह पर दोबारा सजा बाजार
Bagaha News: बगहा में नगर परिषद की बड़ी लापरवाही, एनएच-727 से अतिक्रमण हटने के दो घंटे बाद ही दोबारा सजीं दुकानें. ईओ सरोज कुमार बैठा और मजिस्ट्रेट अबू बाकी ने दी एफआईआर की चेतावनी. जानिए खबर विस्तार से…
Bagaha News: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा नगर परिषद प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ चलाया गया महा-अभियान कुछ ही घंटों में पूरी तरह बेअसर साबित हो गया. राष्ट्रीय राजमार्ग-727 (NH-727) के सर्विस रोड और नालों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने कड़ा एक्शन लिया था. परंतु, टीम के वापस लौटते ही महज दो घंटे के भीतर कई रसूखदार फुटपाथी और अस्थायी दुकानदार पुनः अपने पुराने स्थानों पर कड़ाई से कब्जा जमाकर बैठ गए. अतिक्रमणकारियों के इस दुस्साहस से नगर परिषद की कार्रवाई की प्रभावशीलता और कड़े इरादों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं तथा पूरे शहर में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं.
जेसीबी से तोड़े गए थे अवैध ढांचे
नगर परिषद प्रशासन ने गुरुवार की सुबह भारी पुलिस बल और जेसीबी (JCB) मशीन की मदद से मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बनाए गए दर्जनों अस्थायी ढांचे, शेड और दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर हटा दिया था. इस कड़क कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद आला अधिकारियों ने लाउडस्पीकर से स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि किसी ने दोबारा अतिक्रमण करने की जुर्रत की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसके बावजूद, जैसे ही पुलिस की गाड़ियां ओझल हुईं, दुकानदारों ने प्रशासनिक चेतावनी को हवा में उड़ा दिया और पुनः सड़क व नालों को घेरकर अपनी दुकानें सजानी शुरू कर दीं.
थानों में दर्ज होगी एफआईआर
प्रशासनिक आदेशों की इस खुली अवहेलना और दोबारा अतिक्रमण की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी और भारी आर्थिक दंड भी वसूला जाएगा.
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि एनएच-727 पर लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों के कारण महत्वपूर्ण सड़कें संकीर्ण (पतली) होती जा रही थीं, जिससे रोजाना शहर में कड़ा ट्रैफिक जाम लग रहा था और राहगीरों व यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी. इसी को देखते हुए नगर परिषद ने पहले सभी अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर कानूनी नोटिस थमाया था और २४ घंटे के भीतर खुद से कब्जा हटाने का अल्टीमेटम भी दिया था. ध्वनि विस्तारक यंत्रों (माइक) से लगातार प्रचार-प्रसार कर दी गई चेतावनी के बावजूद जब लोगों ने निर्देशों की अनदेखी की, तब जाकर प्रशासन को बलपूर्वक जेसीबी चलानी पड़ी थी.
प्रखंड मुख्यालय से मलपुरवा पुल तक चला था पीला पंजा
इस महा-अभियान के दौरान मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट सह स्वच्छता पदाधिकारी अबू बाकी ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान का दायरा बहुत बड़ा था. यह कार्रवाई प्रखंड मुख्यालय चौराहा से शुरू होकर गांधीनगर चौक, पारस नगर चौक, पशु अस्पताल चौक, चित्रांगदा सिनेमा चौक, स्टेट बैंक चौराहा, रतनमाला मोड़ और चंडी स्थान होते हुए मलपुरवा पुल तक कड़ाई से चलाई गई थी.
मजिस्ट्रेट अबू बाकी ने कहा कि नगर परिषद बगहा शहर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त और सुंदर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रशासन की टीम लगातार गुप्त रूप से निगरानी कर रही है और किसी भी स्थिति में सार्वजनिक मार्गों या राहगीरों के हक पर अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दूसरी ओर, बगहा के आम नगरवासियों का साफ कहना है कि केवल एक-दो दिन की दिखावे वाली कार्रवाई से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.
बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
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