साहित्य परिषद की पुस्तक चर्चा में 'आनंदमठ' पर मंथन, साहित्यकारों ने रखे विचार

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बैठक में भाग लेते सदस्य | Prabhat Khabar Network

बैठक में भाग लेते सदस्य

बेतिया में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की मासिक पुस्तक चर्चा में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के कालजयी उपन्यास 'आनंदमठ' पर विस्तृत विमर्श हुआ. साहित्यकारों ने राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित इस कृति के महत्व को रेखांकित किया.

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Bettiah News: अखिल भारतीय साहित्य परिषद के युवा पाठक-शोधार्थी आयाम, बेतिया की ओर से रविवार को बाबा बिजली दास सरस्वती विद्या मंदिर, हारिवाटिका में मासिक पुस्तक चर्चा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के कालजयी उपन्यास 'आनंदमठ' पर साहित्यिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई.

'आनंदमठ' के साहित्यिक महत्व पर हुआ मंथन

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विभांक धर मिश्र, विष्णुकांत कुमार और आरएलएसवाई कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. दीपक चौबे ने 'आनंदमठ' के साहित्यिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर अपने विचार रखे. वक्ताओं ने कहा कि यह उपन्यास भारतीय साहित्य की महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसने राष्ट्रचेतना को नई दिशा दी.

राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों पर दिया गया जोर

नाटककार दिवाकर राय ने कहा कि 'आनंदमठ' आज भी समाज को राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाली प्रेरक रचना है. समाजसेवी तरुण गुप्ता ने कहा कि यह कालजयी ग्रंथ युवाओं में आत्मबोध, कर्तव्यबोध और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करता है. उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तक चर्चाएं नई पीढ़ी को भारतीय साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं.

बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रो. रविंद्र शाहबादी, साहित्यकार एवं बांसुरी वादक प्रशांत सौरभ, जय किशोर जय, अनमोल रतन, बीरबल मौर्य, श्वेता चौबे, अंशुमन कुमार, सुषमा शर्मा तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संरक्षक देवीलाल यादव सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद्, शोधार्थी और साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे.

साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का संकल्प

परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने नियमित रूप से साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य की श्रेष्ठ कृतियों पर संवाद और विमर्श से समाज में बौद्धिक चेतना का विस्तार होता है.

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अवध किशोर तिवारी

लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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