बेगूसराय : पंचो सिंह पोखर के सौंदर्यीकरण पर सवाल, करीब 1 करोड़ की योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग
गढ़पुरा का ऐतिहासिक पंचो सिंह पोखर
बेगूसराय जिले के गढ़पुरा स्थित ऐतिहासिक पंचो सिंह पोखर में सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों की सरकारी योजनाओं का संचालन हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. स्थानीय लोगों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
बेगूसराय जिले के गढ़पुरा का ऐतिहासिक पंचो सिंह पोखर इन दिनों विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चर्चाओं के केंद्र में आ गया है. स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर लगातार सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद पोखर की मूल स्थिति में कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है.
स्थिति से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने अब तक संचालित योजनाओं और खर्च की गई राशि की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग जिलाधिकारी से की है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, दो दिन पूर्व ही पंचो सिंह पोखर के मुहाने पर एक नया योजना पट्ट लगाया गया है.
विभिन्न मदों से खर्च की गई राशि का विवरण
इस योजना पट्ट में पंचायत समिति अंश से 15वें वित्त आयोग की करीब 14 लाख रुपये तथा षष्ठम वित्त आयोग की करीब छह लाख रुपये की राशि से जीरोधा योजना चलाए जाने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है.
बताया गया कि उक्त राशि के माध्यम से पोखर के पूर्वी और उत्तरी मुहाने पर फाइबर ईंट से सोलिंग का कार्य कराया गया है. वहीं, इसके अलावा पूर्व में पंचायत योजना एवं विधायक मद से बनाई गई सीढ़ियों के रंग-रोगन और अन्य कार्यों पर भी भारी राशि खर्च किए जाने की बात सामने आई है.
ग्रामीणों का दावा—अब तक खर्च हो चुके हैं करीब एक करोड़
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पंचो सिंह पोखर के विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर पिछले कई वर्षों से अलग-अलग माध्यमों से कार्य कराए जाते रहे हैं.
ग्रामीणों के दावे के अनुसार अब तक इस स्थल पर करीब एक करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाएं संचालित हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर पोखर की स्थिति में कोई बड़ा या सकारात्मक बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है.
लोगों का आरोप है कि यदि अब तक संचालित सभी योजनाओं की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए, तो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं.
ऐतिहासिक धरोहर की उपेक्षा और अधिकारियों का पक्ष
ग्रामीणों का कहना है कि पंचो सिंह पोखर गढ़पुरा की एक ऐतिहासिक धरोहर है और इसे एक प्रमुख पर्यटन एवं आकर्षण के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है.
पोखर के समुचित सौंदर्यीकरण को लेकर पूर्व में कई बार पंचायत समिति की बैठक तथा बीस सूत्री की बैठक में भी गंभीर चर्चा हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक पोखर को एक व्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप नहीं मिल सका है.
लोगों ने मांग की है कि पूर्व में हुए कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच हो, जिसमें प्राक्कलन, कार्य की गुणवत्ता, मापी पुस्तिका और स्थल पर हुए वास्तविक कार्यों का मिलान कराया जाए. इस संबंध में पूछे जाने पर बीपीआरओ समीक्षा झा ने बताया कि पंचो सिंह पोखर पर वर्तमान में संचालित योजना की राशि का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थल पर कितना कार्य हुआ है और कार्य की वास्तविक स्थिति क्या है, इसकी विधिवत जांच किए जाने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
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