बेगूसराय में मोबाइल हैक कर कॉन्टैक्ट लिस्ट में भेजे WhatsApp मैसेज, दो लोगों ने भेजे 2-2 हजार रुपये
सांकेतिक तस्वीर.
साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर लोगों से ठगी का नया तरीका अपनाया है. वे अस्पताल की तस्वीरें भेजकर पैसे ऐंठ रहे हैं. इस मामले में दो लोगों ने ₹4000 गंवा दिए. जानें कैसे रहें सुरक्षित.
Mobile hacking: साइबर ठगों ने लोगों को झांसे में लेने का नया तरीका अपनाया है. बखरी में एक युवक का मोबाइल फोन हैक कर उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव लोगों को व्हाट्सएप मैसेज भेजकर रुपये की मांग की गयी. मैसेज में यूपीआई काम नहीं करने और तत्काल रुपये की जरूरत बतायी गयी. साथ ही जल्द रकम वापस करने का भरोसा दिया गया. इस झांसे में आकर दो लोगों ने दो-दो हजार रुपये भेज भी दिए.
हालांकि, कई परिचितों ने फोन कर सीधे रौनक पारलीवाल से संपर्क किया. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और लोगों को पता चला कि उनके नाम से भेजे जा रहे मैसेज साइबर ठगों की करतूत है.
अस्पताल की तस्वीर भेजकर बनाया भरोसे का माहौल
जानकारी के अनुसार, रौनक पारलीवाल का मोबाइल फोन हैक होने के बाद साइबर अपराधियों ने उनके फोन में सेव कॉन्टैक्ट नंबरों पर व्हाट्सएप मैसेज भेजना शुरू कर दिया. अलग-अलग लोगों से दो हजार से चार हजार रुपये तक की मांग की गयी.
साइबर अपराधियों ने लोगों को भरोसे में लेने के लिए मैसेज के साथ अस्पताल और स्कैनर की तस्वीरें भी भेजीं. इससे कुछ लोगों को लगा कि रौनक या उनके परिवार में कोई अस्पताल में भर्ती है और इलाज के लिए तत्काल पैसे की जरूरत है.
इसी भरोसे में दो लोगों ने दो-दो हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए.
परिचितों के फोन करने पर सामने आया मामला
रौनक के कई परिचितों ने जब उनके घर पर फोन कर रुपये मांगने वाले मैसेज के बारे में जानकारी ली, तब उन्हें मोबाइल हैक होने की जानकारी मिली. इसके बाद रौनक ने तत्काल सावधानी बरतते हुए कस्टमर केयर के माध्यम से अपना जियो सिम बंद करा दिया, ताकि साइबर अपराधी मोबाइल नंबर का आगे दुरुपयोग नहीं कर सकें.
रौनक ने लोगों से अपील की है कि उनके नाम या नंबर से रुपये मांगने वाला कोई मैसेज मिले तो बिना पुष्टि किए किसी खाते में पैसे ट्रांसफर नहीं करें. पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर बात कर पूरे मामले की पुष्टि करें.
परिचित के नंबर से भी आए पैसे के मैसेज तो रहें सावधान
मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराधी अब लोगों के परिचितों और उनके भरोसे का इस्तेमाल ठगी के लिए कर रहे हैं. मोबाइल हैक होने के बाद कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को परिचित के नाम से मैसेज भेजना इसी तरह का तरीका है.
ऐसे मामलों में अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने या किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए. किसी परिचित के नंबर से अचानक पैसे की मांग वाला मैसेज आने पर तुरंत रकम भेजने के बजाय पहले फोन कर इसकी पुष्टि करनी चाहिए.
बखरी में सामने आए इस मामले ने साइबर ठगी के इस तरीके को लेकर लोगों को सतर्क किया है. थोड़ी सी सावधानी बरतकर इस तरह की ठगी से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए