बेगूसराय को औद्योगिक राजधानी बनाने में राम चरित्र बाबू का रहा है योगदान, सिमरिया गोलंबर पर मूर्ति स्थापित करने की चर्चा

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बैठक में शामिल बुद्धिजीवी| Prabhat Khabar Network

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स्वतंत्रता सेनानी राम चरित्र बाबू के बेगूसराय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान को लेकर एक बैठक आयोजित की गई. उनके बिजली, सिंचाई और औद्योगिक विकास में भूमिका पर चर्चा हुई.

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Begusarai News : स्वतंत्रता सेनानी राम चरित्र बाबू के योगदान को लेकर बीहट के केशावे पंचायत के मकरदही ग्राम में आम लोगों की बैठक की गई. बैठक की अध्यक्षता केशावे पंचायत के मुखिया गोपाल कुमार सिंह ने की.

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इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए बरौनी प्रखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राम नरेश सिंह ने कहा कि रामचरित्र बाबू का योगदान बेगूसराय के लिए अविस्मरणीय है. बिहार को जहां एक तरफ उन्होंने बिजली और सिंचाई के क्षेत्र में समृद्ध किया. वहीं बेगूसराय को औद्योगिक राजधानी बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान था. आज हमारी नई पीढ़ी को उनसे परिचित होने की जरूरत है.

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बैठक में लोगों ने राम चरित्र बाबू के योगदान को किया याद

वहीं मुखिया गोपाल कुमार सिंह ने कहा कि समय के साथ बीहट के लोगों ने रामचरित्र बाबू को भुला दिया, लेकिन आज जरूरत है कि हम फिर से अपने पुरखों को याद करें. कहा कि बेगूसराय के लिए जो काम रामचरित्र बाबू ने किया है उसे जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है.

वहीं विमल सिंह ने कहा कि बेगूसराय को यह ध्यान देना होगा कि उनके नायक किसी से कम नहीं थे. इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने नायक को याद करें और उनको सम्मान दें. पंसस संतोष कुमार ने कहा कि मूर्तियों को लेकर हमारा कोई सवाल नहीं है, लेकिन जब सिमरिया गोलंबर पर मूर्तियों को स्थापित करने की बात होगी तो रामचरित्र बाबू को भुला नहीं जा सकता है.

कांग्रेस जिला यूथ अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा आधुनिकता की चकाचौंध में भी हमारी नस-नस में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव जिंदा है. उनके अवदानों को भूलाना कृतघ्नता होगी. गुरूकुल निदेशक व समाजसेवी रामकृष्ण ने कहा कि बिहार की धरती का इतिहास वैसे भी त्याग, तपस्या और क्रांति का रहा है. इसी पावन भूमि पर बेगूसराय के बीहट में बाबू रामचरित्र सिंह जी जैसी महान विभूति का अवतरण हुआ. वे केवल एक नाम नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था, एक आंदोलन और आधुनिक बिहार के निर्माण की एक मजबूत नींव थे.

यह लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर आगामी 20 सितंबर को बीहट स्थित संस्कार भवन में आयोजित परिचर्चा में भाग लेने का निर्णय लिया गया. मौके पर विमल सिंह, नवीन सिंह, भोला सिंह, संदीप कुमार, राजेश सिंह, सुमित कुमार, बृजकिशोर सिंह, अजय सिंह, बलराम सिंह, राजीव कुमार, शारदानंद सिंह, बौद्ध सिंह, गणेश सिंह, अशोक कुमार सिंह, पंसस संतोष कुमार, जयजय राम सिंह सहित अन्य उपस्थित थे.

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