बच्चे आज के नहीं, कल के भविष्य हैं : प्रफुल्लचंद्र

Updated:
विज्ञापन
बच्चे आज के नहीं, कल के भविष्य हैं : प्रफुल्लचंद्र

बच्चे आज के नहीं कल के भविष्य हैं.प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में बेहतर परिणाम हासिल करने की ललक होती है.

विज्ञापन

बखरी. बच्चे आज के नहीं कल के भविष्य हैं.प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में बेहतर परिणाम हासिल करने की ललक होती है. उक्त बातें नगर परिषद बखरी के कार्यपालक पदाधिकारी प्रफुल्ल चंद्र यादव ने कही.श्री विश्वबंधु पुस्तकालय के 69वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में पाक्षिक कार्यक्रम के छठे दिन एक पल की बात ” कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बखरी जैसे सुदूर क्षेत्रों में कई वर्षों से शैक्षणिक धरोहर श्रीविश्वबंधु पुस्तकालय की जीवंतता इस बात का प्रतीक है कि यहां के छात्र-छात्राएं किस प्रकार से पुस्तकालय और पुस्तक के प्रति अपनी लगाव रखते हैं. वर्तमान कमिटी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव के माध्यम से विभिन्न विषयों पर प्रतियोगिता करवाना और प्रतियोगी विषय का चयन करना पुस्तकालय कमिटी की बच्चों को लेकर दूरगामी सोच है. वहीं प्रतियोगिता की अध्यक्षता प्रतिनिधि संतोष कुमार गुड्डू व संचालन प्रिंस सिंह परमार ने किया.कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रफुल्ल चंद्र यादव कार्यपालक पदाधिकारी बखरी बखरी,भोला चौधरी, समीर श्रवण पार्षद वार्ड नं 22 ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया है.जिसमें करीब दो दर्जन की संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में कृष्णकांधा कुमार, राहुल केसरी, नीरज कुमार, बसंत कुमार, अभिनाश, अम्बेश चौधरी सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Manish Kumar

लेखक के बारे में

By Manish Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन