बढ़ती ठंड और कनकनी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं

Author Md. tazim
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बढ़ती ठंड और कनकनी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं

प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ठंड और तेज कनकनी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है.

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बौंसी. प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ठंड और तेज कनकनी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. अहले सुबह और देर शाम सर्द हवाओं के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, वहीं सबसे अधिक परेशानी गरीब, असहाय, बुजुर्गों और दैनिक मजदूरों को झेलनी पड़ रही है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. कई चौक-चौराहों, बस स्टैंड, बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव नहीं जलाये गये हैं या कहीं-कहीं जल भी रहे हैं तो वह नाकाफी साबित हो रहे हैं. ठंड का असर सबसे ज्यादा सुबह-सवेरे काम पर निकलने वाले मजदूरों, रिक्शा चालकों, सब्जी विक्रेताओं और राहगीरों पर पड़ रहा है. लोग आग के सहारे ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था के अभाव में परेशानी बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा हर साल ठंड को लेकर अलाव की व्यवस्था की जाती है, लेकिन इस बार अब तक व्यवस्था नाकाफी नजर आ रही है. लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख स्थानों पर तत्काल अलाव की संख्या बढ़ाई जाए और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाई जाय. बढ़ती ठंड को देखते हुए यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ठंड से जुड़ी बीमारियों और परेशानियों में और इजाफा होने की आशंका जतायी जा रही है.

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मो. ताजिम

लेखक के बारे में

By मो. ताजिम

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से स्नातक कर 2018 से अलग-अलग हिंदी न्यूज चैनलों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं. न्यूज नेशन में बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर दो साल का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर, बिहार में समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. आसपास घटने वाली चीजों पर बारीकी से नजर बनाए रखना और उसका विश्लेषण कर सरल और समझने योग्य तरीके से खबरों को पेश करने में विशेषज्ञता.

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