खेसर-रामपुर मुख्य सड़क पर घुटनाभर पानी, 8 किमी का रास्ता जर्जर, दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बांका जिले में खेसर-रामपुर मार्ग की एक बदहाल सड़क यात्रियों के लिए आफत बन गई है. गनौरा से भौरा मोड़ तक लगभग 8 किलोमीटर की इस सड़क पर घुटनों तक पानी जमा है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों ने जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, पर कोई समाधान नहीं निकला है.

विज्ञापन

बांका जिले में खेसर-रामपुर मुख्य मार्ग से जुड़े गनौरा से भौरा मोड़ तक की सड़क इन दिनों बदहाली की मार झेल रही है. फुल्लीडुमर थाना के समीप से गुजरने वाली इस सड़क पर जगह-जगह घुटनाभर पानी जमा है. सड़क की जर्जर स्थिति और जलजमाव के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर जख्मी हो रहे हैं.

विज्ञापन

8 किलोमीटर सड़क पर दर्जनों गांवों का आवागमन

गनौरा से भौरा मोड़ होते हुए शंभुगंज जाने वाली करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क से तक्कीपुर, मोतिया, बेला, बेलसिरा, कैथा, लौंढिया और डिमैय समेत दर्जनों गांव जुड़े हुए हैं. इन गांवों की आबादी भी काफी है और बड़ी संख्या में ग्रामीण रोजमर्रा के काम के लिए इसी सड़क से आवागमन करते हैं. सड़क जर्जर होने के साथ बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो जाती है.

ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर पानी जमा रहने के कारण यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कहां गड्ढा है और कहां सड़क की सतह. ऐसे में बाइक सवार और पैदल राहगीर अक्सर असंतुलित होकर गिर जाते हैं. स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी इस रास्ते से गुजरने में परेशानी होती है.

ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार की शिकायत

स्थानीय ग्रामीण नवल यादव, चंद्रशेखर यादव, बम बम यादव, सुभाष ठाकुर, गणेश ठाकुर, रोहिणी राय, जुगल राय, घनश्याम मंडल और धनंजय मंडल आदि ने बताया कि जर्जर सड़क और जलजमाव की समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया है. इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है. सड़क पर जमा पानी के कारण आवागमन बाधित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. ग्रामीण लंबे समय से सड़क के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है.

जिला प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

जलजमाव और जर्जर सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा. सड़क का नए सिरे से निर्माण कराने के साथ जलनिकासी की समुचित व्यवस्था भी जरूरी है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क का निरीक्षण कराकर निर्माण की दिशा में कार्रवाई शुरू करने की मांग की है, ताकि दर्जनों गांवों के लोगों को बरसात के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सके.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन