डीएन सिंह महाविद्यालय में अवैध बहाली सहित अन्य मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे कर्मी

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डीएन सिंह महाविद्यालय में अवैध बहाली सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे कर्मी

धरना पर बैठे कॉलेज कर्मी सहित अन्य | Prabhat Khabar Network

बांका के डीएन सिंह महाविद्यालय में अवैध बहाली और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जानें पूरी खबर।

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बांका/रजौन. रजौन के डीएन सिंह महाविद्यालय में अवैध बहाली व अनियमिताओं को लेकर एक बार फिर कॉलेज के एक तृतीय वर्गीय कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह सहित भूमिदाता परिवार के कुछ वंशजों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गये है. इसके पूर्व भी दो बार गलत बहाली को लेकर उक्त व्यक्ति धरना सहित अनशन पर बैठे थे. जिसमें गलत बहाली के साथ-साथ और कई मुद्दे शामिल था. जिसे लेकर महाविद्यालय के तृतीय वर्गीय कर्मी कन्हैया लाल सिंह को पूर्व में प्रभारी प्राचार्य ने आश्वासन देकर धरना व अनशन समाप्त कराया था लेकिन इस बार फिर धरना व अनशन पर बैठे कन्हैया लाल सिंह का कहना है, उनकी मांगों को न मानते हुए कॉलेज प्रशासन ने फिर गलत बहाली कर दी.

साधु के भेष-भूसा में एवं माथे पर पगड़ी बांधकर बैठे हैं अनशन पर

साधु के भेष-भूसा में एवं माथे पर पगड़ी बांधकर महाविद्यालय आने वाले अनशनकारी ने एक बार फिर इंसाफ को लेकर कॉलेज प्रशासन को चुनौती दे दी है. भूख हड़ताल पर बैठे उक्त कर्मचारी का कहना है कि अब मर जाएंगे, लेकिन न्याय लेकर रहेंगे. अन्याय के विरुद्ध इंसाफ लेकर ही रहेंगे.उक्त कर्मचारी ने वित्तीय अनियमितता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो, असंवैधानिक बहाली रद्द की जाय, भूमि दाता के वंशजों को बहाल करने, भूमि दाता को शासी निकाय का सदस्य बनाये जाने की मांग शामिल है.

कहते है प्रभारी प्राचार्य

इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य डॉ महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि कर्मी कन्हैया लाल सिंह असंवैधानिक तरीके से कई बार ऐसे कार्य कर रहे है. जिससे पठन-पाठन सहित नामांकन कार्य प्रभावित हो रहा है. कॉलेज में अभद्रता से पेश आना, अक्सर लड़ाई झगड़ा, चिल्लाकर माहौल को दूषित करना उक्त कर्मी की नियति बन गयी है. स्पष्टीकारण का जवाब भी उक्त कर्मचारी नहीं देता है.

आगे बताया कि अभी महाविद्यालय में शासी निकाय का गठन नहीं हुआ है उक्त कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों सहित अन्य मामलों पर अंतिम निर्णय शासी निकाय ही ले सकती है. फिलहाल मामले से विश्वविद्यालय प्रशासन सहित अन्य अधिकारियों को अगवत कराया गया है.


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