बांका के शंभुगंज में नीलगायों ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत, रातभर पहरा देने के बाद भी नहीं बच रहीं फसलें
नीलगाय का | Prabhat Khabar Network
बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड में नीलगायों के बढ़ते आतंक से किसान बुरी तरह प्रभावित हैं. खेतों में तैयार सब्जियां और मक्का की फसलें नीलगायों द्वारा रौंदी और खाई जा रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत और पूंजी पर भारी संकट आ गया है.
Banka News: बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड में इन दिनों किसान एक नई मुसीबत से जूझ रहे हैं. बारिश और खेती की चुनौतियों से किसी तरह उबर रहे किसानों के सामने अब नीलगायों का बढ़ता आतंक सबसे बड़ी समस्या बन गया है. खेतों में तैयार खड़ी सब्जियों और अन्य फसलों को नीलगायों के झुंड लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों पर संकट खड़ा हो गया है.
किसानों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस उपाय नहीं किया गया, तो इस सीजन की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
भिंडी, नेनुआ, झिंगली और मक्का की फसल पर हमला
कर्णपुर, सहदेवपुर और आसपास के गांवों के किसानों के अनुसार नीलगायों के झुंड पिछले एक सप्ताह से लगातार खेतों में पहुंच रहे हैं.
भिंडी, नेनुआ, झिंगली, मक्का और अन्य फसलें तैयार होने की अवस्था में हैं, लेकिन नीलगाय उन्हें चरने के साथ-साथ रौंद भी रही हैं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ रहा है.
पहले बारिश ने मारा, अब नीलगायों ने बढ़ाई मुश्किल
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार खेती पहले ही आसान नहीं थी.
लगातार बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा था. दवाइयों, अतिरिक्त मेहनत और खर्च के बाद किसी तरह फसलें संभलीं और अब जब पैदावार मिलने की उम्मीद बनी, तो नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर सब कुछ बर्बाद कर रहे हैं.
कर्णपुर निवासी अजय मंडल, मुकेश मंडल, प्रमोद मंडल, दिलीप मंडल और विभाष कुमार सहित कई किसानों ने बताया कि स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है.
रातभर खेतों की रखवाली कर रहे किसान
फसलों को बचाने के लिए किसान रातभर खेतों में जागकर पहरा देने को मजबूर हैं.
इसके बावजूद नीलगायों के झुंड अचानक खेतों में घुस जाते हैं और कुछ ही समय में बड़े हिस्से की फसल नष्ट कर देते हैं.
किसानों का कहना है कि लगातार रतजगा करने के कारण उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है और खेती का खर्च भी बढ़ता जा रहा है.
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा आक्रोश
पीड़ित किसानों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कृषि विभाग और वन विभाग दोनों को दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
उनका कहना है कि यदि समय रहते नीलगायों को खेतों से दूर रखने की व्यवस्था की जाती, तो फसलों को इतना नुकसान नहीं होता.
लगातार अनदेखी के कारण किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.
सीओ ने वन विभाग से संपर्क की दी सलाह
इस संबंध में अंचलाधिकारी जुगनू रानी ने कहा कि नीलगायों से जुड़ा मामला वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है.
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे वन विभाग को विधिवत सूचना दें और विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन करें.
हालांकि किसानों का कहना है कि वे पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.
Banka News: फसल बची तो मिलेगा सहारा
शंभुगंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सब्जी और मक्का की खेती पर निर्भर हैं.
यदि नीलगायों का आतंक इसी तरह जारी रहा, तो न केवल उनकी आय प्रभावित होगी, बल्कि आने वाले महीनों में खेती के लिए पूंजी जुटाना भी मुश्किल हो सकता है.
किसानों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तत्काल टीम भेजकर नीलगायों को खेतों से दूर रखने, फसल सुरक्षा के उपाय करने और नुकसान का आकलन कर उचित राहत देने की व्यवस्था की जाए.
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लेखक के बारे में
By ठाकुर विनोद कुमार
ठाकुर विनोद कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. शंभूगंज (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं.
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