कृषि यंत्र बैंक से जुड़ जीविका समूह की महिलाएं लिखेंगी स्वरोजगार का अध्याय

Published at :07 Mar 2018 5:56 AM (IST)
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कृषि यंत्र बैंक से जुड़ जीविका समूह की महिलाएं लिखेंगी स्वरोजगार का अध्याय

बांका : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डीएम ने खास तरकीब ढूंढ़ी है. कृषि क्षेत्र में अधिक संख्या में महिलाओं को जोड़ कर उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. जी हां, भारत सरकार की ओर से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन स्कीम के तहत गांव-गांव में कृषि यंत्र बैंक खोले जायेंगे. वास्तव में केंद्र सरकार का उद्देश्य […]

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बांका : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डीएम ने खास तरकीब ढूंढ़ी है. कृषि क्षेत्र में अधिक संख्या में महिलाओं को जोड़ कर उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. जी हां, भारत सरकार की ओर से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन स्कीम के तहत गांव-गांव में कृषि यंत्र बैंक खोले जायेंगे. वास्तव में केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि भूमिहीन, सीमांत व गरीब किसानों की सहायता के लिये गांव-गांव में कृषक समूह बना कर उन्हें कृषि यंत्र बैंक से जोड़ दिया जायेगा.

इस बैंक के तहत गरीब किसान आसानी से कृषि यंत्र खरीद सकेंगे. लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि बांका के डीएम की नयी तरकीब से इस योजना से जीविका समूह को जोड़कर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. डीएम ने जीविका संगठन डीपीओ को सभी जीविका समूह को चिह्नित कर कृषि यंत्र बैंक से जोड़ने का निर्देश दिया है. जानकारी के मुताबिक कृषि यंत्र में कई तरह की योजनाएं हैं. इस पर सरकार सब्सिडी भी देती है. डीएम की सोच है कि यदि इस योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हो जाता है तो बिना किसी समस्या व मेहनत के सुविधाजनक कार्य घर बैठे ही महिलाओं को प्राप्त हो जायेगा.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सशक्तीकरण की दिशा में डीएम का नया प्रयास
कृषक समूह ऋण में 80 फीसदी अनुदान का लाभ
एसएमएएम के तहत कृषक समूह को कृषि बैंक स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है. जिसपर कृषि विभाग 80 फीसदी अनुदान की राशि सहायता के रूप में देती है. परंतु समूह कृषि यंत्र बैंक योजना में कोई व्यक्ति यंत्र क्रय नहीं कर सकते हैं. इसके लिए समूह गठित कर प्रक्रियानुसार बैंक से ही ऋण प्राप्त किया जा सकता है. अन्य समूह के साथ जीविका समूह पर प्राथमिकता के रूप में ध्यान दिया जायेगा. समूह दस लाख से लेकर 40 लाख तक ऋण ले सकता है.
इसके बाद तय किस्त के तहत ऋण चुकता करना होगा. समूह ट्रैक्टर से लेकर अन्य कृषि यंत्र खरीद कर बैंक बना सकता है. इसके बाद क्षेत्र में कृषि यंत्र को किराया पर देकर आमदनी कर भी सकता है. ज्ञात हो कि अधिकांश गांव में महिला जीविका समूह कार्यरत हैं. वह अन्य स्वरोजगार के साथ कृषि क्षेत्र में भी अपना योगदान दे सकती हैं.
कृषि यंत्र हर क्षेत्र में शुरू करने की पहल जल्द होगी शुरू
जीविका संगठन के अलावा किसान व्यक्ति व समूह बनाकर भी कृषि यंत्र बैंक स्थापित कर सकते हैं. इसके लिए विभाग ने योजना स्वीकृत की है. जानकारी के मुताबिक 10 लाख कृषि यंत्र बैंक के लिए 40 फीसदी अनुदान है. 10 लाख कृषि यंत्र में ट्रैक्टर क्रय करने का प्रावधान नहीं है. 25 लाख की लागत से कृषि यंत्र बैंक शुरू करने पर विभाग 10 लाख अनुदान देगा. इसमें ट्रैक्टर जरूरी है. जबकि 40 लाख कृषि यंत्र में 16 लाख का अनुदान का प्रावधान है. जबकि समूह बनाकर भी सभी तरह के कृषि यंत्र खोले जा सकते हैं. समूह कृषि यंत्र बैंक में 80 फीसदी अनुदान है. परंतु 20 फीसदी राशि बैंक से कर्ज लेने होंगे.
भारत सरकार का है उपक्रम
हर गांव में तैयार होगा कृषक समूह
गांव-गांव में बैंक संचालित कर खेतीबाड़ी की समस्या की जायेगी दूर
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